Saturday, 18 June 2022

बलिदान दिवस पर वीरांगना का भाव पूर्ण स्मरण।

क्षत्रिय महासभा बदायूं, रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थापना समिति एवं महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के पदाधिकारियों , सहयोगियों व गणमान्य नागरिकों ने रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर अर्पित किए पुष्प।

आज़दी  के अमृत महोत्सव को समर्पित होगा वीरांगना चौक का लोकार्पण समारोह।

रानी लक्ष्मीबाई की जयंती के अवसर पर क्षत्रिय महासभा बदायूं, रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थापना समिति एवं महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के पदाधिकारी, सहयोगी व कार्यकर्ता प्रात:  09 बजे वीरांगना चौक बदायूं  पर एकत्र हुए तथा वीरांगना के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पार्चन कर वीरांगना का भावपूर्ण स्मरण किया।

इस अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थापना समिति के सदस्यों द्वारा वीरांगना चौक के लोकार्पण की योजना तैयार की गईं। लोकार्पण समारोह अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। समारोह स्वतन्त्रता के अमृत महोत्सव को समर्पित रहेगा। प्रतिमा का लोकार्पण रानी लक्ष्मीबाई की परम्परा के ही किसी राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध व्यक्तित्व के करकमलों द्वारा कराया जायगा।

श्रद्धा सुमन अर्पित करने हेतु प्रमुख रूप से अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बदायूं दीपमाला गोयल, नगर मजिस्ट्रेट अमित कुमार, रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थापना समिति के अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, महासचिव हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट, महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के ट्रस्टी धनपाल सिंह,  क्षत्रिय महासभा बदायूं के मार्गदर्शक प्रताप सिंह आचार्य, जिला संयोजक मुनीश कुमार सिंह, कार्यकारी जिला अध्यक्ष डाल भगवान सिंह, ज़िला उपाध्यक्ष अखिलेश चौहान, ज़िला महासचिव रतन वीर सिंह, ज़िला संगठन मंत्री अवनीश सोलंकी, भुराज सिंह, सैनिक सभा के संरक्षक विजय रतन सिंह, सुरेश पाल सिंह चौहान, ब्लाक प्रमुख पति  ज़िला उपाध्यक्ष सतेंद्र सिंह चौहान , जिला अध्यक्ष क्षत्रिय कृषक सभा मनोज कुमार सिंह, जिला अध्यक्ष क्षत्रिय दिव्यांग सभा धर्मेंद्र सिंह वैद्य, नगर उपाध्यक्ष राजपाल सिंह राठौड़, नगर सचिव शेर बहादुर सिंह, रानी सिंह पुंडीर,  राजेश कुमार सिंह, अवनीश कुमार सिंह,  सुरेश सिंह सिसौदिया,  विनोद सोलंकी, मुनेंद्र सिंह, अमित सिंह, अभय पुंडीर, रवि सोलंकी, आर्येंद्र पाल सिंह, मनोज सिंह, एमएच कादरी, कैलाश सिंह गौर, सत्यवीर सिंह चौहान, सुशील गुप्ता, आलोक सिंह आदि उपस्थित रहे।

Thursday, 16 June 2022

दोष पूर्ण नीतियों के कारण गार्ड बनने को विवश होता है रिटायर्ड फौजी, चार साला फौजी का भविष्य अंधकारमय।

चार साला फौजियों के भविष्य को लेकर अभी प्रतिक्रिया देना जल्दबाजी होगी।
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अभी पूर्णकालिक सेवानिवृत फौजियों के बारे में कुछ बिंदुओं पर चर्चा करना श्रेयस्कर होगा :-
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केंद्र व राज्य के सभी विभागों में पूर्व सैनिकों को नियुक्तियों में आरक्षण की व्यवस्था है......

यदि आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाता तो हर सरकारी दफ्तर में एक फौजी अवश्य बैठा दिखाई देता, किन्तु ऐसा नहीं है, क्यों कि यदि हर दफ्तर में एक फौजी बैठ गया तो उस दफ्तर की व्यवस्थाएं सुधर जायेगी , सब कुछ बदला हुआ दिखेगा  , अनुशासन दिखेगा , नागरिकों को बेहतर सेवा मिल सकेगी, रिश्वतखोरी पर लगाम लगेगी।

इसीलिए फौजियों को आरक्षित पद अन्य वर्ग से भर दिए जाते हैं और फौजी बेचारा बैंक के बाहर बंदूक लिए खड़ा मिलेगा या फिर किसी प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी में गार्ड बन जायगा।

अब फौजी के साथ एक और मजाक देखिए, जिस बंदूक के कारण उसे रोजगार मिलता है उस बंदूक का लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए उसे कितने पापड़ बेलने पड़ते हैं, हर बार एन ओ सी लानी पड़ती है, असलाह ऑफिस में चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है, बाबू कैंटीन से घरेलू सामान भी मगवा लेता है, बोतल बोनस में लेता है। लेकिन निर्देशों के बाद भी फौजियों के लाइसेंस उनके गृह जनपद में दर्ज नहीं किए गए हैं ताकि उनका शोषण किया जा सके।

यह है एक रिटायर्ड फौजी की कहानी, भरोसा न हो तो किसी बैंक के बाहर बंदूक टांगे खड़े फौजी से इन तथ्यों की पुष्टि की जा सकती है।

Friday, 3 June 2022

आठ वर्ष में प्रधानमंत्री जी से आठ अपेक्षाएं।

भारत माता की जय !
वंदे मातरम् !
इंकलाब ज़िंदाबाद !

भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान की प्रधानमंत्री से आठ वर्ष में आठ अपेक्षाएं :
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१- एक देश , एक चुनाव, एक चुनाव आयोग व एक मतदाता सूची की नीति बने। स्थानीय निकायों व पंचायतों के चुनाव भारत निर्वाचन आयोग द्वारा ही कराएं जावे।

 २- लोकपाल को सक्रिय कर देश के समस्त राज्यों में लोकायुक्त की अनिवार्य रूप से नियुक्ति हो।

३- नागरिकों को सरकारी सेवाएं निर्धारित अवधि मिले, एतदर्थ सिटीजन चार्टर/ जनहित गारंटी कानून को प्रभावी बनाते हुए नियमित निगरानी तंत्र विकसित हो।

४- सूचना का अधिकार दम तोड़ रहा है। सूचना प्राप्ति हेतु तीन से पांच साल तक लड़ाई लड़नी पड़ रही है।अस्तु सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में संशोधन करके तत्काल सूचना दिए जाने,प्रथम अपील पन्द्रह दिन में व द्वितीय अपील एक माह में तय करने की व्यवस्था हो। धारा चार के अन्तर्गत सभी सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की चल अचल संपत्तियां सार्वजनिक हो तथा राष्ट्रीय आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश व राज्य आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति की अनिवार्यता हो।

५-  न्यायपालिका को कुछ घरानों के कब्जे से मुक्त कराने हेतु भारतीय न्यायिक सेवा (IJS) का गठन हो साथ ही नागरिकों के हित में उच्चतम न्यायालय की देश में चार उपयुक्त स्थलों पर पीठ स्थापित हो तथा राज्यों में मंडल स्तर पर उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित हो।

६- सामाजिक कार्यकर्ताओं व सूचना कार्यकर्त्ताओं  की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु शीघ्र कानून बने।

७- शिक्षा और चिकित्सा को निजी हाथों से मुक्त कराकर सरकार अपने नियंत्रण में ले।।

८- जन प्रतिनिधियों, उनके परिजनों व संबंधियों की चल अचल परिसंपत्तियों में हो रही गुणोंत्तर वृद्धि की निगरानी हेतु तंत्र विकसित हो।

जय हिन्द !


हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
अध्यक्ष/संस्थापक
जन दृष्टि (व्यवस्था सुधार मिशन)
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424

( सभी सूचना व सामाजिक कार्यकर्ता यह आठ अपेक्षाएं माई ग्रीवांस पोर्टल व ट्विटर के माध्यम से प्रधानमंत्री जी को प्रेषित करें। )