Saturday, 30 May 2020

पत्रकारों, सामाजिक/ सूचना कार्यकर्त्ताओं की सुरक्षा को बने कानून।

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर विशेष :
-----------------------------------------

पत्रकारों, सामाजिक/सूचना कार्यकर्त्ताओं की सुरक्षा हेतु बने कानून।

राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर गठित हो शक्ति सम्पन्न आयोग।

चिकित्सा, बीमा व पेंशन योजनाओं का मिले लाभ।

शासन के तीन अन्ग हैं -  विधायिका, कार्यपालिका व न्यायपालिका। समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के कारण मीडिया का इतना महत्त्व बढ़ गया कि उसे लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाने लगा।

इसके पीछे पत्रकारों की लम्बी सन्घर्ष गाथा है। इस समय प्रिन्ट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ सोशल मीडिया ने एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। सक्रियता बढ़ने से ख़तरे भी बढना स्वाभाविक है। मीडिया कर्मियों पर हमले होना,हत्या हो जाना, परिजनों का उत्पीड़न होना, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों व भ्रष्ट तत्वों द्वारा निरन्तर हमलों,फर्जी मुकदमे लिखे जाने की एक बहुत विशाल श्रन्खला है। 
मीडिया कर्मियों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न स्तरों पर आवाज भी उठी। संसद में भी अनेक बार पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई। विभिन्न राज्य सरकारों ने भी अपने स्तर से सुरक्षा को लेकर दिशा निर्देश जारी किए किन्तु कोई कानून नहीं बन सका।
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया भी ज्यादा शक्ति सम्पन्न नहीं है।
पत्रकारों की सुरक्षा हेतु कानून बनने में सबसे बड़ी बाधा नौकरशाही है। वर्ष 2011 में व्हिसिल व्लोअर प्रोटेक्शन बिल लाया गया जो संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया और राष्ट्रपति के पास वर्ष 2014 से लम्बित है। इस बिल के द्वारा भ्रष्टाचार के विषय उठाने वालों की सुरक्षा के उपाय किए गए हैं।इसी तरह लोकपाल कानून बन जाने के बाद भी आज तक नौकरशाही की वजह से निष्प्रभावी है। नौकरशाही अपने ऊपर किसी भी प्रकार का अंकुश नहीं चाहती और हमारे नेतागण उस पर पूरी तरह से आश्रित है।

पत्रकारों साथ ही स्वतन्त्र रूप से लोक कल्याण के विषय उठाने वाले सामाजिक व सूचना कार्यकर्त्ताओं की सुरक्षा व संरक्षा हेतु एक  केन्द्रीय कानून की जरूरत है। इस कानून में पत्रकारों, सामाजिक व सूचना कार्यकर्त्ताओं के सम्मान की सुरक्षा की गारंटी हो।इन पर हमला करने वालों की तत्काल गिरफ्तारी हो साथ ही जमानत की व्यवस्था न हो तथा त्वरित न्यायालय में सुनवाई की व्यवस्था हो।
राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर उच्चतम न्यायालय व उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में शक्ति सम्पन्न आयोग गठित हो,आयोग में वरिष्ठता व योग्यता के आधार पर पत्रकारों व सामाजिक/सूचना कार्यकर्त्ताओं को भी सदस्य नामित करने की व्यवस्था हो। आयोग की अनुमति के बिना पत्रकारों, सामाजिक/सूचना कार्यकर्त्ताओं के विरुद्ध दान्डिक अभियोग पंजीकृत न हो। 
केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न स्तरों पर गठित समितियों में इन्हें स्थान दिया जावे। जिला मुख्यालयों पर इनके बैठने हेतु भवन की व्यवस्था हो। सरकार की ओर से इन्हे चिकित्सा, बीमा, पेंशन जैसी सुविधाओं से आच्छादित किया जाये।समन्वय हेतु जिला,मन्डल व राज्य स्तर पर प्रशासन के साथ मासिक बैठक का आयोजन हो जिसमें इनकी समस्याओं का तत्काल समाधान हो।साथ ही इनके लिए भी एक आचार संहिता बनाई जावे ताकि इस क्षेत्र में भी आवश्यक सुधार हो सके।

हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424



टिड्डी दल के हमले से निपटने हेतु कागजी तैयारी।

सेनापति और सैनिकों के बिना टिड्डी दल के हमले को नाकाम करने में लगीं है कृषि विभाग की सेना।

कागजी तैयारी से टिड्डी हमले को किया जाएगा विफल।

अन्य आपदाओं के साथ ही एक और प्राकृतिक आपदा इस समय भारत में आयी हुई है और वह है टिड्डी दल का भारत के कई राज्यों में हमला।

भारत सरकार ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं,अलर्ट रहने को कहा गया है,ऐसी आकस्मिक आपदा से निपटने के लिए जो तैयारियां सदैव रहनी चाहिए,उन तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

केन्द्र सरकार में केन्द्रीय कृषि मंत्री हैं, राज्य मंत्री भी हैं, कृषि विभाग में केन्द्र स्तर के अधिकारियों के भी सारे पद भरे हुए हैं।इस कारण उन्होंने एडवाइजरी/निर्देश जारी कर अपने दायित्वों का निर्वहन कर लिया।

इसी प्रकार राज्य में भी कृषि मंत्री, राज्य मंत्री व राज्य स्तरीय अधिकारियों के पद रिक्त नहीं है,अस्तु उन्होंने भी एलर्ट रहने के निर्देश जारी कर दिए। मन्डल स्तर पर भी अधिकारियों का टोटा नहीं है, इसलिए उन्होंने भी निर्देश जारी कर अपने दायित्वों की इति श्री कर ली।सभी के द्वारा जारी निर्देशों में एक बात समान है और वह है कि टिड्डी के हमले से निपटने को किसान को ही तैयार रहना है।

उत्तर प्रदेश मेंं जिला कृषि रक्षा अधिकारी के लगभग दो तिहाई पद लम्बे समय से रिक्त हैं, प्रभारियों के सहारे काम चलाया जा रहा है। तहसील स्तरीय अधिकारियों की तो स्थिति अत्यंत ही खराब है।

कृषि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है,तब यह स्थिति है कि सरकार कृषि विभाग की ओर गम्भीर नहीं है। जिला स्तरीय, तहसील स्तरीय व ब्लाक स्तरीय अधिकारियों की कमी से जूझ रहा विभाग टिड्डी के हमले से कैसे निपटेगा।
बिना सेनापति के, बिना सेना के अथवा उधार के सेनापति और उधार की सेना के सहारे हम टिड्डी से लडने की तैयारी में लगे हुए हैं।

आगरा व अन्य जनपदों में जिस तरह की तैयारियां करके टिड्डी के हमले को विफल कर दिया गया,उस तरह की तैयारियां बरेली मंडल में तो दिखाई नहीं दे रही है।

उदाहरण के लिए जनपद बदायूं में जिला कृषि रक्षा अधिकारी का पद लम्बे समय से रिक्त हैं, भूमि संरक्षण अधिकारी का पद भी रिक्त हैं, दोनों प्रभार जिला कृषि अधिकारी संभाल रहे हैं,हो सकता है कि इनके अतिरिक्त वह अन्य भी कोई प्रभार संभाल रहे हो।

जनपद बदायूं में पांच तहसील हैं किन्तु तहसील स्तरीय अधिकारी मात्र एक ही है। इसी तरह अन्य अनेक जिला, तहसील व ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के पद रिक्त हैं।यह स्थिति हमारी सरकार की कृषि के प्रति उदासीनता को प्रदर्शित कर रही हैं।टिड्डी से निपटने हेतु धरातल पर तैयारियों का अभाव देखा जा सकता है।

हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424

Thursday, 28 May 2020

शोक व्यक्त।

जनपद बदायूं के प्रमुख सत्याग्रही छोटेलाल "भिड़े जी "  के निधन पर शोक।

वर्ष 2017 में छत्तीस दिवसीय व वर्ष 2018 में अड़तीस दिवसीय सत्याग्रह में प्रमुख भूमिका निभाने वाले ग्राम नौशेरा निवासी अस्सी वर्षीय श्री छोटेलाल " भिड़े जी " के निधन से भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के समस्त कार्यकर्ता व सहयोगी शोक सन्तृप्त हैं। महाराष्ट्र के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता भिड़े जी से कद-काठी मिलने के कारण सभी कार्यकर्ता व सहयोगी श्री छोटेलाल जी को भिड़े जी कहकर सम्बोधित करने लगे थे।

श्री छोटेलाल जी के निधन पर भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के समस्त पदाधिकारियों, सहयोगियों, कार्यकर्त्ताओं व सदस्यगण ने शोक व्यक्त किया तथा ईश्वर से शोकाकुल परिवार को अपार दुःख  सहन करने की शक्ति प्रदान करने तथा दिवंगत पुण्यात्मा की शान्ति हेतु प्रार्थना की।
     
शोकाकुल
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान

Wednesday, 27 May 2020

पंचायत प्रतिनिधियों की निर्धारित हो न्यूनतम शैक्षिक योग्यता।

भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान की आनलाइन बैठक में पंचायत राज व्यवस्था को सुदृढ़ किए जाने हेतु प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सोलह सूत्रीय मांग पत्र प्रेषित करने का निर्णय।

पंचायत प्रतिनिधियों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हो निर्धारित।

राजस्व ग्राम को मिले ग्राम पंचायत का दर्जा।

हर ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायत अधिकारी और लेखपाल की नियुक्ति हो अनिवार्य।

भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान की एक महत्वपूर्ण आनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित पंचायत चुनावों पर विचार विमर्श किया गया तथा पंचायत चुनावों से पूर्व सोलह सुधार किए जाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सोलह सूत्रीय मांग पत्र प्रेषित करने का निर्णय लिया गया। मांग पत्र समस्त सूचना कार्यकर्ता ईमेल, ट्विटर, जनसुनवाई पोर्टल,माई ग्रीवांस पोर्टल के माध्यम से दिनांक 28-05-2020 को प्रेषित करेंगे।

इस अवसर पर भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के मुख्य प्रवर्तक हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में पंचायत चुनाव प्रस्तावित है। वर्तमान आपदाकाल में ग्रामों से बढ़े स्तर पर पलायन की समस्या मुखर है।ग्राम स्तर पर आवश्यक आवश्यकताओं की पूर्ति कर पाने में असमर्थ ग्रामीण पलायन को विवश होते हैं। इस कारण ग्राम इकाई को सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके तथा उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकें। ग्राम इकाई के दुर्बल होने का सबसे बड़ा कारण है कि विकास खंड इकाई को निष्क्रिय है। तहसील, जनपद,मन्डल व प्रदेश स्तर पर किसी भी विभाग में अधिकारियों के पद रिक्त नहीं है, किन्तु विकास खंड व ग्राम इस समस्या से जूझ रहे हैं, वहां न तो अधिकारी ही है और न ही कर्मचारी।आदेश देने वालों की संख्या क्रियान्यवयन करने/ कराने वालों से अधिक है,इस कारण शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं से नागरिक लाभान्वित नहीं हो पाते हैं परिणाम स्वरूप योजनाएं भ्रष्टाचार की शिकार हो जाती है, बहुत सी योजनाओं का तब पता चलता है जब घोटाले खुलते हैं।शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं से आम नागरिक लाभान्वित हो सकें इस हेतु पंचायत राज व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाना आवश्यक है।

श्री राठोड़ ने कहा कि कस्बे का स्वरूप लें चुकी विकसित ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाए। पंचायत राज अधिनियम में संशोधन कर हर  राजस्व ग्राम को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जावे। दस से पन्द्रह ग्राम पंचायतों को मिलाकर न्याय पंचायत का गठन हो। प्रधान पद हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट व ग्राम पंचायत सदस्य हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल निर्धारित हो।क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य पद हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक निर्धारित हो। क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में पदेन सदस्य हों, इस सम्बन्ध में पंचायत राज अधिनियम व क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम में संशोधन हो। ग्राम पंचायतों  के वास्तविक निवासियों को ही पंचायत चुनाव में मताधिकार प्राप्त हो तथा कृत्रिम निवासियों को मताधिकार से वन्चित कर वहां मताधिकार दिया जावे जहां वह वास्तविक रूप से निवास कर रहे हैं। पंचायतों में महिला प्रतिनिधियों के अनुपात में ही ग्राम विकास विभाग व पंचायत राज विभाग में अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति हो।

श्री राठोड़ ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय की स्थापना करके ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम राजस्व अधिकारी ( लेखपाल ) की अनिवार्य रूप से नियुक्ति की जावे। पंचायत राज नियमावली के नियम 63 में वर्णित अभिलेख प्रत्येक ग्राम पंचायत में तैयार कराये जावे। राजस्व सन्हिता में वर्णित व्यवस्था अनुसार ग्राम राजस्व समिति का गठन किया जावे। गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र को सक्रिय कर स्वास्थय मित्र की नियुक्ति की जावे। न्याय पंचायत मुख्यालय पर उप मन्डी समितियों तथा विकास खंड मुख्यालयों पर मन्डी समितियों की स्थापना हो।बढ़ती हुई जनसंख्या के दृष्टिगत विकास खंडों का पुनर्गठन करके प्रत्येक विकासखण्ड में खन्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी,अवर अभियंता,खन्ड शिक्षा अधिकारी की अनिवार्य रूप से नियुक्ति हो। प्राथमिक विद्यालयों में कक्षावार व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की जावे, राजकीय व अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद शीघ्र भरे जावे ताकि ग्रामीण निजी विद्यालयों के शोषण का शिकार न हो।वर्तमान प्रधानो ,ब्लाक प्रमुखों व जिला पंचायत अध्यक्षों की परिसम्पतियों की जांच उनके द्वारा नामांकन के समय प्रस्तुत किए गए विवरण के आधार पर कराये जाने हेतु एक जांच एजेंसी अधिकृत की जावे।

आनलाइन बैठक में प्रमुख रूप से डाल भगवान सिंह, शमसुल हसन, रामगोपाल,एम एच कादरी, वेदपाल सिंह, अखिलेश सिंह,अभय माहेश्वरी,असद अहमद,सी एल वर्मा एडवोकेट, राम-लखन, अखिलेश सोलंकी,आर्येन्द्र पाल सिंह, सतेन्द्र सिंह,नारद सिंह,भानु प्रताप सिंह, महेश चंद्र, वीरपाल, नेत्रपाल, कृष्ण गोपाल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

चुनावों से पहले पंचायत कानून में बड़े सुधारों की जरूरत।

पंचायत प्रतिनिधियों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हो निर्धारित।

राजस्व ग्राम को मिले ग्राम पंचायत का दर्जा।

हर ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायत अधिकारी और लेखपाल की हो नियुक्ति । 

इस वर्ष प्रदेश में पंचायत चुनाव प्रस्तावित है। वर्तमान आपदाकाल में ग्रामों से बढ़े स्तर पर पलायन की समस्या मुखर है।ग्राम स्तर पर आवश्यक आवश्यकताओं की पूर्ति कर पाने में असमर्थ ग्रामीण पलायन को विवश होते हैं। इस कारण ग्राम इकाई को सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके तथा उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकें। ग्राम इकाई के दुर्बल होने का सबसे बड़ा कारण है कि विकास खंड इकाई को निष्क्रिय है। तहसील, जनपद,मन्डल व प्रदेश स्तर पर किसी भी विभाग में अधिकारियों के पद रिक्त नहीं है, किन्तु विकास खंड व ग्राम इस समस्या से जूझ रहे हैं, वहां न तो अधिकारी ही है और न ही कर्मचारी।आदेश देने वालों की संख्या क्रियान्यवयन करने/ कराने वालों से अधिक है,इस कारण शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं से नागरिक लाभान्वित नहीं हो पाते हैं परिणाम स्वरूप योजनाएं भ्रष्टाचार की शिकार हो जाती है, बहुत सी योजनाओं का तब पता चलता है जब घोटाले खुलते हैं।शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं से आम नागरिक लाभान्वित हो सकें इस हेतु पंचायत राज व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाना आवश्यक है।

 कस्बे का स्वरूप लें चुकी विकसित ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाए। पंचायत राज अधिनियम में संशोधन कर हर  राजस्व ग्राम को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जावे। दस से पन्द्रह ग्राम पंचायतों को मिलाकर न्याय पंचायत का गठन हो। प्रधान पद हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट व ग्राम पंचायत सदस्य हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल निर्धारित हो।क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य पद हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक निर्धारित हो। क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में पदेन सदस्य हों, इस सम्बन्ध में पंचायत राज अधिनियम व क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम में संशोधन हो। ग्राम पंचायतों  के वास्तविक निवासियों को ही पंचायत चुनाव में मताधिकार प्राप्त हो तथा कृत्रिम निवासियों को मताधिकार से वन्चित कर वहां मताधिकार दिया जावे जहां वह वास्तविक रूप से निवास कर रहे हैं। पंचायतों में महिला प्रतिनिधियों के अनुपात में ही ग्राम विकास विभाग व पंचायत राज विभाग में अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति हो।

 प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय की स्थापना करके ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम राजस्व अधिकारी ( लेखपाल ) की अनिवार्य रूप से नियुक्ति की जावे। पंचायत राज नियमावली के नियम 63 में वर्णित अभिलेख प्रत्येक ग्राम पंचायत में तैयार कराये जावे। राजस्व सन्हिता में वर्णित व्यवस्था अनुसार ग्राम राजस्व समिति का गठन किया जावे। गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र को सक्रिय कर स्वास्थय मित्र की नियुक्ति की जावे। न्याय पंचायत मुख्यालय पर उप मन्डी समितियों तथा विकास खंड मुख्यालयों पर मन्डी समितियों की स्थापना हो।बढ़ती हुई जनसंख्या के दृष्टिगत विकास खंडों का पुनर्गठन करके प्रत्येक विकासखण्ड में खन्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी,अवर अभियंता,खन्ड शिक्षा अधिकारी की अनिवार्य रूप से नियुक्ति हो। प्राथमिक विद्यालयों में कक्षावार व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की जावे, राजकीय व अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद शीघ्र भरे जावे ताकि ग्रामीण निजी विद्यालयों के शोषण का शिकार न हो।वर्तमान प्रधानो ,ब्लाक प्रमुखों व जिला पंचायत अध्यक्षों की परिसम्पतियों की जांच उनके द्वारा नामांकन के समय प्रस्तुत किए गए विवरण के आधार पर कराये जाने हेतु एक जांच एजेंसी अधिकृत की जावे।

Sunday, 24 May 2020

दीप जलाकर श्रमिकों को दी श्रृद्धांजलि।

दीप जलाकर श्रमिकों को श्रृद्धांजलि देने के साथ ही उठाई उनके कल्याण की मांग।

पलायन रोकने हेतु श्रमिक कल्याण पर विशेष ध्यान दें सरकार ।

भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के सहयोगी संगठन भारतीय श्रमिक पंचायत के आह्वान पर आपदाकाल में विभिन्न कारणों से दुर्घटनाग्रस्त हुए श्रमिकों की आत्मा की शांति हेतु एवं उनके कल्याण की प्रार्थना के साथ " एक दीप श्रमिकों के नाम " कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भागीदारी कर श्रमिकों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की।

इस अवसर पर भारतीय श्रमिक पंचायत के संयोजक डाल भगवान सिंह व सह संयोजक एम एल गुप्ता ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकारों के पास पलायन करने को विवश हुए श्रमिकों का पूरा विवरण आ चुका है, पलायन करने वाले सर्वाधिक श्रमिक उत्तर प्रदेश और ़ बिहार से हैं।इन श्रमिकों का पूरा विवरण केन्द्र सरकार सहित सभी राज्य सरकारों के पास आ चुका है। भविष्य में श्रमिकों के समक्ष ऐसी कठिन परिस्थिति उत्पन्न न हो, तथा श्रमिकों को अपने निवास स्थान पर ही अथवा निवास स्थान के निकट रोजगार उपलब्ध कराने के उपाय करने चाहिए। पलायन ग्रस्त श्रमिकों को श्रम विभाग में अनिवार्य रूप से पंजीकृत कराकर उनका मनरेगा जॉब कार्ड एवं राशन कार्ड बनवाया जावे, सभी पलायन ग्रस्त श्रमिकों को आवास, शौचालय, पेंशन योजनाओं के साथ ही उज्ज्वला, सौभाग्य व आयुष्मान योजना का लाभ प्रदान कराया जावे। विवाह योजना के अंतर्गत श्रमिकों की पुत्रियों को प्राथमिकता दी जाये। श्रमिकों के पाल्यो को कस्तूरबा विद्यालयों,नवोदय विद्यालयों में शिक्षा दिलायी जावे तथा आवश्यकतानुसार आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जावे। श्रमिकों की समस्या के समाधान हेतु उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय श्रम आयोग तथा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में हर राज्य में राज्य आयोग की स्थापना हो। जनपद व मन्डल स्तर पर माह में एक बार सभी अधिकारी तिथि निर्धारित कर श्रमिकों की समस्या सुने। स्वय का व्यवसाय करने के इच्छुक श्रमिकों को मुद्रा योजना के तहत सहायता दिलाई जाए। भारतीय श्रमिक पंचायत इन विषयों को प्रभावी बनाने हेतु सरकार पर दबाव बनाने हेतु अभियान चलायेगी।

एक दीप श्रमिकों के नाम कार्यक्रम में भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के मुख्य प्रवर्तक हरि प्रताप सिंह राठोड़,बी डी सी महासंघ के जिला अध्यक्ष डॉ सुशील कुमार सिंह एवं अन्य सहयोगियों राम रतन सिंह पटेल, शमसुल हसन, रामगोपाल,एम एच कादरी, अखिलेश सिंह,असद अहमद, नारद सिंह, राम-लखन, महेश चंद्र, नेत्रपाल, कृष्ण गोपाल,अभय माहेश्वरी,आर्येन्द्र पाल सिंह, सतेन्द्र सिंह,सी एल वर्मा एडवोकेट, वेदपाल सिंह, वीरपाल, राजीव कुमार, सुरेश पाल सिंह, आदि का भी योगदान रहा।

Saturday, 23 May 2020

पंचायत राज व्यवस्था में सुधारों से ही सुदृढ़ होगा गांव।

सेवा में

माननीय मुख्यमंत्री महोदय
उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ।

महोदय,

इस वर्ष प्रदेश में पंचायत चुनाव प्रस्तावित है। वर्तमान आपदाकाल में ग्रामों से बढ़े स्तर पर पलायन की समस्या मुखर है।ग्राम स्तर पर आवश्यक आवश्यकताओं की पूर्ति कर पाने में असमर्थ ग्रामीण पलायन को विवश होते हैं। इस कारण ग्राम इकाई को सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके तथा उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकें।

ग्राम इकाई के दुर्बल होने का सबसे बड़ा कारण है कि विकास खंड इकाई को निष्क्रिय कर दिया गया। तहसील, जनपद,मन्डल व प्रदेश स्तर पर किसी भी विभाग में अधिकारियों के पद रिक्त नहीं है, किन्तु विकास खंड व ग्राम इस समस्या से जूझ रहे हैं, वहां न तो अधिकारी ही है और न ही कर्मचारी।आदेश देने वालों की संख्या क्रियान्यवयन करने/ कराने वालों से अधिक है,इस कारण शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं से नागरिक लाभान्वित नहीं हो पाते हैं परिणाम स्वरूप योजनाएं भ्रष्टाचार की शिकार हो जाती है, बहुत सी योजनाओं का तब पता चलता है जब घोटाले खुलते हैं।

शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं से आम नागरिक लाभान्वित हो सकें इस हेतु पंचायत राज व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाना आवश्यक है।

अस्तु हम आपसे मांग करते हैं कि पंचायत चुनाव से पूर्व निम्न उपाय किए जाने की कृपा करें :-

१- कस्बे का स्वरूप लें चुकी ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाए।
२- पंचायत राज अधिनियम में संशोधन कर हर  राजस्व ग्राम को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जावे।
३-दस से पन्द्रह ग्राम पंचायतों को मिलाकर न्याय पंचायत का गठन हो।
४- प्रधान पद हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट व ग्राम पंचायत सदस्य हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल निर्धारित हो।
५- क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य पद हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक निर्धारित हो।
६- क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में पदेन सदस्य हों, इस सम्बन्ध में पंचायत राज अधिनियम व क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम में संशोधन हो।
७- ग्राम पंचायतों  के वास्तविक निवासियों को ही पंचायत चुनाव में मताधिकार प्राप्त हो तथा कृत्रिम निवासियों को मताधिकार से वन्चित कर वहां मताधिकार दिया जावे जहां वह वास्तविक रूप से निवास कर रहे हैं। 
८- पंचायतों में महिला प्रतिनिधियों के अनुपात में ही ग्राम विकास विभाग व पंचायत राज विभाग में अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति हो।
९- प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय की स्थापना करके ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम राजस्व अधिकारी ( लेखपाल ) की अनिवार्य रूप से नियुक्ति की जावे।
१०- पंचायत राज नियमावली के नियम 63 में वर्णित अभिलेख प्रत्येक ग्राम पंचायत में तैयार कराये जावे।
११- राजस्व सन्हिता में वर्णित व्यवस्था अनुसार ग्राम राजस्व समिति का गठन किया जावे।
१२- गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र को सक्रिय कर स्वास्थय मित्र की नियुक्ति की जावे।
१३- न्याय पंचायत मुख्यालय पर उप मन्डी समितियों तथा विकास खंड मुख्यालयों पर मन्डी समितियों की स्थापना हो।
१४- बढ़ती हुई जनसंख्या के दृष्टिगत विकास खंडों का पुनर्गठन करके प्रत्येक विकासखण्ड में खन्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी,अवर अभियंता,खन्ड शिक्षा अधिकारी की अनिवार्य रूप से नियुक्ति हो।
१५- प्राथमिक विद्यालयों में कक्षावार व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की जावे, राजकीय व अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद शीघ्र भरे जावे ताकि ग्रामीण निजी विद्यालयों के शोषण का शिकार न हो।

भवदीय
हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424

Thursday, 21 May 2020

मनरेगा की बजाय सहकारी समितियों को राहत पैकेज मिलने से रूकेगा श्रमिकों का पलायन।।

देश भर में श्रमिकों के पलायन ने उठाए मनरेगा की प्रासन्गिकता पर सवाल।

वर्ष में सौ दिन रोजगार देने की गारंटी वाली योजना के कर्ताधर्ता सौ दिन रोजगार प्राप्त करने वालों की सूची सार्वजनिक करने में है असमर्थ।

राहत पैकेज में मनरेगा की वजाय सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने की ओर ध्यान देने से होता समस्या का समाधान।

कुछ ही लोगों को वरदान सिद्ध हुई है मनरेगा।

वर्तमान में सम्पूर्ण देश श्रमिकों के पलायन की समस्या से जूझ रहा है। कृषि प्रधान देश में श्रमिकों की संख्या कृषकों से ज्यादा हो गई है।लघु एवं अतिलघु कृषक श्रमिक बनते जा रहे हैं। श्रमिकों का पलायन रोक पाने के स्थायी उपाय भी नहीं किए जा रहे हैं। उद्योगपतियों को महत्व दिया जा रहा है, श्रमिकों की उपेक्षा की जा रही है।उद्योग की स्थापना में सरकार श्रमिकों से लेकर कृषकों तक के हितों की बलि चढा रही है।उद्योग की स्थापना में निवेश के स्थान पर रोजगार पर ध्यान देना आवश्यक है। उद्योगों की स्थापना का श्रेय सरकार लेती है तथा महिमा मंडन भी होता है। किन्तु उद्योगों की स्थापना से कितने हाथों को रोजगार मिला,यह कभी नहीं बताया गया और इस प्रश्न का उत्तर देने से बचते हुए देखा गया है। 

उदाहरण के लिए जनपद बदायूं में दातागंज तहसील में सोलर प्लांट की स्थापना हुई, नौकरी का झांसा देकर कृषकों की जमीनें औने पौने दामों में हथिया ली गई, सरकारी जमीन पर भी अवैध कब्जा कर लिया गया, अनुसूचित जाति के किसानों की जमीन बिना अनुमति के ले ली गई। शासन प्रशासन द्वारा इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया गया।इस उद्योग की स्थापना से पूर्व उद्योग विभाग द्वारा दी गई आख्या में स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में रोजगार मिलने की बात कही गई किन्तु जितने लोगों की जमीन चली गई उतने लोगों को भी रोजगार नहीं मिला।

 आजकल इसी तरह के उद्योगों की स्थापना पर विशेष बल दिया जा रहा है।
कृषक से बनते जा रहे श्रमिकों का पलायन रोकने हेतु स्थानीय स्तर पर ही उन्हें रोजगार देने के उपाय करने होंगे।लघु और अतिलघु किसान अपनी थोड़ी सी भूमि मेंं सब्जियां पैदा करके तथा पशुपालन करके अपने परिवार की आवश्यकता पूर्ति कर सकते हैं। इसके लिए न्याय पंचायत स्तर पर उप मन्डी समितियों तथा ब्लाक स्तर पर मन्डी समितियों की स्थापना हो ताकि वे अपनी उपज का उचित मूल्य पा सकें।उनका दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु सहकारी समितियों की ग्राम स्तर पर स्थापना हो।

सहकारी समितियां प्रदेश व देश के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। किन्तु सत्ताधारी दल इस ओर कभी गम्भीर नहीं रहें हैं। सत्ताधारी दलो द्वारा सदैव प्रारम्भिक सहकारी समितियों को अपने कार्यकर्त्ताओं को समायोजित करने तथा शीर्ष समितियों को टिकट से वन्चित,हारे हुए, बड़े पदाधिकारियों अथवा बड़े नेताओं के परिजनों को समायोजित करने हेतु उपयोग करके अक्षम हाथों में सहकारिता को सौंप दिया गया। परिणाम स्वरूप सहकारी समितियां दुर्बल होती चली गई।अति सम्पन्न सहकारी समितियों की परिसम्पतिया तक औने पौने दामों में नीलाम हो गई।
यदि अब भी सरकार सहकारिता की ओर ईमानदारी और गम्भीरता से ध्यान दे तो स्थानीय स्तर पर रोजगार का बड़ा कारण सहकारी समितियां बन सकती है। इसके लिए सर्वप्रथम सहकारी समिति अधिनियम में संशोधन करके उसे जटिलताओं और उलझनों से मुक्त करने के साथ ही सहकारी समितियों को राजनैतिक नेतृत्व से मुक्ति दिलाकर योग्य व समर्थ हाथों में सहकारी समितियों को सौंपना होगा। इसके लिए प्रदेश सरकार किसी उत्कृष्ट प्रबन्धन संस्थान को नोडल एजेंसी के रूप में नियुक्त कर सभी शीर्ष सहकारी समितियों में एम बी ए योग्यता धारक महाप्रबंधकों की नियुक्ति करे। सहकारी समितियों का पूरी तरह डिजिटाइजेशन हो।इसकी शुरुआत दुग्ध सहकारी समितियों, शाकभाजी सहकारी समितियों के संचालन के साथ ही लघु और अतिलघु कृषकों की कृषि भूमि मेंं कृषि कार्य हेतु सहकारी समितियों के गठन से हो सकती है।
इस विषय पर सरकारें गम्भीरता पूर्वक विचार करें तथा विफल हो चुकी तथा उद्देश्य से पूरी तरह भटक चुकी मनरेगा जैसी योजनाओं को बन्द करें और मनरेगा का पूरा बजट सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने हेतु दे ताकि स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध हो सके तथा पलायन पूरी तरह रूक सके और भविष्य में श्रमिकों के सामने वर्तमान परिस्थिति की पुनरावृत्ति न हो।

Friday, 15 May 2020

तीन माह की फीस माफ करने हेतु हुआ कुटुम्ब सत्याग्रह।

अप्रैल मई व जून माह की फीस माफ करने की मांग को लेकर हुआ कुटुम्ब सत्याग्रह।

अभिभावकों का मिला व्यापक समर्थन।

निजी विद्यालय सन्चालको की मनमानी के विरुद्ध चलाया जाएगा अभियान।

भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के तत्वावधान में लाकडाउन की अवधि की फीस माफ करने की मांग को लेकर कुटुम्ब सत्याग्रह किया गया तथा राष्ट्र राग " रघुपति राघव राजाराम .........का कीर्तन किया गया। सत्याग्रह के पश्चात ईमेल व ट्विटर के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को मांगपत्र प्रेषित किए गए। जनसुनवाई पोर्टल और माई ग्रीवांस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई।

उल्लेखनीय है कि लाकडाउन की अवधि में निजी विद्यालयों विशेषकर सी बी एस ई पैटर्न के विद्यालय सन्चालको द्वारा अभिभावकों पर अप्रैल मई व जून माह की फीस जमा करने हेतु दबाव बनाया जा रहा है।पाल्य की हानि के भय से अभिभावक विरोध नहीं कर पा रहे हैं।इस कारण भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के सहयोगियों द्वारा 15 मई 2020 को दिन में ग्यारह बजे से एक बजे तक कुटुम्ब सत्याग्रह किया गया इस सत्याग्रह में जनपद के एक हजार से अधिक परिवार सम्मिलित हुए। अभिभावकों का भी बड़ी संख्या में समर्थन प्राप्त हुआ किन्तु भयवश वे खुलकर सत्याग्रह में भागीदारी नहीं कर सके। कुछ निजी विद्यालय सन्चालको का विरोध भी झेलना पड़ा।

इस अवसर पर भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के मुख्य प्रवर्तक हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने कहा कि निजी विद्यालय सन्चालक मां सरस्वती के मन्दिर को व्यवसाय का रूप न दे। शिक्षा का क्षेत्र सेवा का क्षेत्र है। उच्च आदर्श स्थापित करते हुए उन्हें स्वप्रेरणा से तीन माह का शुल्क माफ करना चाहिए। पुस्तकों,यूनीफार्म व अन्य अनावश्यक गतिविधियों के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण करने की पृवृत्ति का त्याग करना चाहिए।
श्री राठोड़ ने कहा कि आज हमने कुटुम्ब सत्याग्रह करके अभिभावकों के हित में आवाज उठाई है। भविष्य में हम निजी विद्यालय सन्चालको की मनमानी के विरुद्ध वृहद स्तर पर अभियान चलायेंगे।

कुटुम्ब सत्याग्रह में प्रमुख रूप से डॉ शैलेन्द्र कुमार सिंह, डाल भगवान सिंह,एम एल गुप्ता,शमसुल हसन, रामगोपाल, एम एच कादरी, अखिलेश सिंह, असद अहमद,नारद सिंह,अभय माहेश्वरी,आर्येन्द्र पाल सिंह, अखिलेश सोलंकी,भानुप्रताप सिंह,सी एल वर्मा, वेदपाल सिंह, राम-लखन, महेश चंद्र, वीरपाल, अरविंद कुमार, विपिन कुमार सिंह, सतेन्द्र सिंह आदि की प्रमुख रूप से भागीदारी रही।

Thursday, 14 May 2020

श्रमिक कानूनों में संशोधन श्रमिक हितों के विरुद्ध।

श्रमिक कानूनों में हुए बदलाव बापस नहीं हुए तो होगा आन्दोलन।

जब देश भर के श्रमिक संकट में हैं,हर तरफ सड़कों पर श्रमिक परिवार सहित दिखाई दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों को उनके हित संरक्षण हेतु कार्य करना चाहिए था किन्तु उद्योगपतियों के आगे नतमस्तक दिखी सरकारों ने इस ओर विचार करना उचित नहीं समझा।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि यदि श्रमिक कल्याण की सारी योजनाएं बन्द कर दी जाये तो शासन और प्रशासन में बैठे एक बहुत बड़े वर्ग की परिसम्पतियों में गुणोत्तर वृद्धि बन्द हो जायेगी।

फिर भी श्रमिक हितों की बलि चढ़ाते हुए राजस्थान,मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, उड़ीसा, गोवा की राज्य सरकारों ने गुपचुप तरीके से श्रमिक कानूनों में संशोधन कर दिए।

केन्द्र सरकार द्वारा भी इन संशोधनों को सराहा गया है।

फीस माफ करने की मांग को लेकर होगा कुटुम्ब सत्याग्रह।

तीन माह की फीस माफ करने की मांग को लेकर होगा कुटुम्ब सत्याग्रह।

वैश्विक महामारी के कारण लाकडाउन की स्थिति में विद्यालय बन्द होने तथा शिक्षण कार्य न होने के पश्चात भी निजी विद्यालयों द्वारा छात्रों से अप्रैल, मई व जून माह का शुल्क मांगा जा रहा है।जो सर्वथा अनुचित है।

शासन द्वारा भी स्पष्ट आदेश निर्गत नहीं किए गए हैं। जिस कारण निजी विद्यालयों के संचालक शुल्क की मांग कर रहे हैं।पाल्यो के अहित के भय के कारण अभिभावक विरोध नहीं कर पा रहे हैं।

ऐसी स्थिति में माह अप्रैल, मई व जून का शुल्क माफ किए जाने की मांग को लेकर दिनांक 15 -05-2020 को दिन में 11:00 बजे से 01:00 बजे तक घरों में ही कुटुम्ब सत्याग्रह करने का निर्णय लिया गया है।

समस्त सूचना व सामाजिक कार्यकर्ता दिनांक 15-05-2020 को दिन में 11:00 बजे से 01:00 बजे तक अपने अपने घरों में दो घंटे, मांग युक्त पट्टिका हाथ में लेकर, राष्ट्र राग " रघुपति राघव राजाराम .........." का कीर्तन करते हुए कुटुम्ब सत्याग्रह करेंगे।साथ ही मांगपत्र ईमेल के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री  को प्रेषित करने के साथ ही जनसुनवाई पोर्टल एवं माई ग्रीवांस पोर्टल पर भी प्रेषित करेंगे।

समस्त अभिभावकों से भी आग्रह है कि वे भी भय का त्याग कर, साहस का परिचय देते हुए, इस सत्याग्रह में भागीदारी करें।


जय हिन्द !

हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424


Tuesday, 12 May 2020

अप्रैल, मई व जून माह की फीस माफ करने की मांग को लेकर होगा सत्याग्रह।

अप्रैल, मई व जून माह की फीस माफ करने की मांग को लेकर होगा सत्याग्रह।

अभिभावकों का शोषण नहीं होने देंगे।

भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के तत्वावधान में आनलाइन बैठक करके निजी विद्यालय सन्चालको द्वारा अभिभावकों का शोषण किए जाने के विरुद्ध सत्याग्रह की रणनीति तैयार की गई।

भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के मुख्य प्रवर्तक हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने कहा कि शिक्षा व्यवसाय नहीं है बल्कि सेवा है। किन्तु निजी विद्यालय सन्चालको ने सेवा के क्षेत्र को उद्योग बना दिया हैं।यूनीफार्म, पुस्तकों में भारी कमीशन लिया जाता है। अन्य अनावश्यक गतिविधियों के नाम पर भी अभिभावक आर्थिक शोषण के शिकार हैं।भयवश अभिभावक विरोध नहीं कर पाते हैं।लाकडाउन की परिस्थिति में निजी विद्यालय सन्चालको का अमानवीय चेहरा सामने आया है। उनके द्वारा अप्रैल, मई व जून माह की फीस जमा करने हेतु अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। शासन प्रशासन भी इनके समर्थन में ही खड़ा है।

श्री राठोड़ ने कहा कि 15-05-2020 को अभियान के सहयोगी व सूचना कार्यकर्ता अपने घरों में ही दिन में ग्यारह बजे से एक बजे तक दो घंटे का सत्याग्रह करेंगे तथा राष्ट्र राग " रघुपति राघव राजाराम .........." का कीर्तन करेंगे साथ ही ईमेल/ट्विटर के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को मांगपत्र प्रेषित कर अप्रैल , मई व जून माह का शुल्क माफ किए जाने एवं निजी विद्यालयों की मनमानी पर अंकुश लगाये जाने की मांग करेंगे।सभी कार्यकर्ता जनसुनवाई पोर्टल एवं माई ग्रीवांस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करायेगे। सत्याग्रह में भागीदारी हेतु अभिभावकों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है।

आनलाइन बैठक में शमसुल हसन, रामगोपाल,सी एल वर्मा एडवोकेट,अखिलेश चौहान,वेदपाल सिंह कठेरिया, राम-लखन,आर्येन्द्र पाल सिंह, सतेन्द्र सिंह,असद अहमद, वीरपाल, महेश चंद्र आदि उपस्थित रहे।

Monday, 11 May 2020

मोबाइल कम्पनियों के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाये उपभोक्ता।

मोबाइल कम्पनियां कर रही हैं निरन्तर उपभोक्ताओं का शोषण।

पहले लाइफटाइम प्लान समाप्त कर पैंतीस रुपए महीने रीचार्ज की बाध्यता कर दी।

फिर पैंतीस रुपए के स्थान पर न्यूनतम उनचास रुपए प्रति माह रीचार्ज की बाध्यता कर दी।

फिर दरों में भारी वृद्धि कर दी।

किन्तु स्पीड फोर जी के स्थान पर टूजी की मिल रही है।

सभी मोबाइल उपभोक्ता मोबाइल कम्पनियों के लाइफ टाइम प्लान को समाप्त कर प्रतिमाह न्यूनतम रीचार्ज की बाध्यता करने, दरों में बेतहाशा वृद्धि करने तथा फोर जी सेवा का मूल्य लेकर टू जी सेवा दिये जाने के विरुद्ध आवाज उठाये।

प्रधानमंत्री जनशिकायत पोर्टल " माई ग्रीवांस " पर शिकायत दर्ज करावे।

केसीसी का एक वर्ष का ब्याज माफ करें सरकार।

लाकडाउन के दृष्टिगत कृषकों के हित में सरकार ले ये निर्णय :

# कृषकों का एक वर्ष का नलकूप और घरेलू विजली का बिल माफ किया जावे।

# के सी सी का एक वर्ष का ब्याज माफ किया जावे।

# केसीसी की सीमा दोगुनी करते हुए ब्याज दर एक प्रतिशत की जावे।

जय हिन्द!

भारतीय कृषक पंचायत

अप्रैल, मई व जून माह का शुल्क माफ करने की मांग को लेकर होगा सत्याग्रह।

भारतमाता की जय।
वन्देमातरम्।
इन्कलाब जिंदाबाद।
---------------------------

समस्त सूचना/सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं उन अभिभावकों से जिनके पाल्य निजी विद्यालयों में शिक्षा गृहण कर रहे हैं, से 
आग्रह :
-------------------------------------------------------------------------

वैश्विक महामारी के कारण लाकडाउन की स्थिति में विद्यालय बन्द होने तथा शिक्षण कार्य न होने के पश्चात भी निजी विद्यालयों द्वारा छात्रों से अप्रैल, मई व जून माह का शुल्क मांगा जा रहा है।जो सर्वथा अनुचित है।

शासन द्वारा भी स्पष्ट आदेश निर्गत नहीं किए गए हैं। जिस कारण निजी विद्यालयों के संचालक शुल्क की मांग कर रहे हैं।पाल्यो के अहित के भय के कारण अभिभावक विरोध नहीं कर पा रहे हैं।

ऐसी स्थिति में माह अप्रैल, मई व जून का शुल्क माफ किए जाने की मांग को लेकर दिनांक 15 -05-2020 को दिन में 11:00 बजे से 01:00 बजे तक घरों में ही सत्याग्रह करने का निर्णय लिया गया है।

समस्त सूचना व सामाजिक कार्यकर्ता दिनांक 15-05-2020 को दिन में 11:00 बजे से 01:00 बजे तक अपने अपने घरों में दो घंटे, मांग युक्त पट्टिका हाथ में लेकर सत्याग्रह करेंगे।साथ ही मांगपत्र ईमेल के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय को प्रेषित करने के साथ ही जनसुनवाई पोर्टल एवं माई ग्रीवांस पोर्टल पर भी प्रेषित करेंगे।

समस्त अभिभावकों से भी आग्रह है कि वे भी भय का त्याग कर, साहस का परिचय देते हुए, इस सत्याग्रह में भागीदारी करें।

( मांग युक्त पट्टिका का प्रारूप एवं मांगपत्र प्रेषित कर दिया जाएगा।)

सत्याग्रह की रणनीति तैयार करने हेतु आयोजित होने वाली बैठकों में सहभागिता हेतु सभी के मोबाइल फोन में  " zoom app" का होना आवश्यक है।

अस्तु भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के समस्त पदाधिकारी,सहयोगी व सूचना कार्यकर्ता अपने मोबाइल फोन में " zoom app " डाउनलोड कर लें तथा दिनांक 12-05-2020 को सायं 04:30 बजे आयोजित होने वाली बैठक में सहभागिता सुनिश्चित करें।


जय हिन्द !

हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424

।। रिश्वत देना पाप है रिश्वत लेना महापाप है।।
। शिक्षा और चिकित्सा निजी हाथों से मुक्त हो।

Sunday, 10 May 2020

देर रात्रि तक चला आनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।

हल्दीघाटी के शूरवीर ऐसे थे वह राणा प्रताप।।

महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय आनलाइन कवि सम्मेलन आयोजित।

 महाराणा प्रताप जयंती के शुभ अवसर पर भारतीय हिन्दी सेवी पंचायत के बैनर तले एक अखिल भारतीय आनलाईन कवि सम्मेलन आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रमोद दीक्षित 'मलय' बांदा ने की और मुख्य अतिथि  हरिप्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट (अध्यक्ष, भारतीय हिन्दी सेवी पंचायत) रहे। कार्यक्रम का संचालन ओजस्वी कवि षटवदन शंखधार (बदायूं) ने किया 
कार्यक्रम का शुभारम्भ महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। अनूप सत्यवादी लखनऊ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की |

तत्पश्चात प्रमोद दीक्षित मलय बांदा ने महाराणा प्रताप  को याद करते हुए कहा कि प्रताप का जीवन भारतीय स्वाभिमान एवं शौर्य-पराक्रम की अमिट गाथा है, जीवंत प्रतीक है। 

वह राजपूती मान-मर्यादा के रक्षक-पोषक थे। उनके रक्त का कण-कण और सांसों की प्रत्येक धड़कन देश और प्रजा की रक्षा के लिए समर्पित थी। आज हमें महाराणा प्रताप के मूल्यों एवं आदर्शों को जीवन में अपनाने की जरूरत है।

कौशाम्बी से रघुनाथ द्विवेदी ने महाराणा प्रताप जी के पराक्रम एवं स्वाभिमान में एक सुंदर मुक्तक प्रस्तुत किया :

मन हो चेतक तन हो प्रताप हो स्वाभिमान की रक्षा।
राणा प्रताप के जीवन से ली है हमने यह दीक्षा।
हर कर्म दक्ष,हर धर्म दक्ष चाहे थी अग्निपरीक्षा,
राणा प्रताप के जीवन से ली है हमने यह शिक्षा।

 ललितपुर उ0 प्र0 के कवि शीलचन्द्र जैन 'शील ' ने अपनी भावांजलि प्रस्तुत करते हुए लिखा -

फङक उठीं तब सबल भुजाएँ, शत्रु की फाङने छाती ।
रणबांकुरे राणा ने रण में,  रक्तिम की हल्दीघाटी ।।
शत्रु प्रवल था ,लङे शौर्य से , क्षत्रियोचित साहस न छोङा ।
समर क्षेत्र में बना सहायक, चेतक रणबांका घोङा ।।

बदायूं के कवि षटवदन शंखधार ने पढ़ा--------------

घास की जो रोटियां भी खाकर के जिन्दा रहा 
स्वाभिमानी भरी जिन्दगानी को प्रणाम है

श्रेया द्विवेदी कौशांबी ने पढ़ा------------

हसीन तो बहुत होते हैं पर 
सभी रानी पदमिनी जैसे नहीं होते 
पूत तो सभी होते हैं पर
महाराणा प्रताप जैसे सपूत नहीं होते।

देश विदेश के कवि सम्मेलनों में प्रतिनिधित्व करने वाले कवि उमाकांत "प्राज्ञहंस" ने पढ़ा-

महाराणा प्रताप तुमको बारंबार नमन...

अभिलाषा मिश्रा (बिहार )ने पढ़ा कि

समर भूमि में तलवार का प्रहार क्या ही
कहते हैं राणा का तो अश्व भी कमाल था 
अपने शिविर में ही भयभीत सैन्य दल 
रहता सजग ऐसा टाप का भूचाल था


ओजस्वी कवि डां अनिरुद्ध अवस्थी जी ने पढ़ा-----------

मेवाड़ मान का उन्नायक।
रणवीरों का, प्रणवीरों का,
वीरों का वीर महा नायक ।
वनवासी जीवन जीकर भी, फहराया केसरिया निशान।
राणा प्रताप, राणा प्रताप, भारत माता का स्वाभिमान।

रीतु प्रज्ञा दरभंगा बिहार ने पढ़ा----------------

धन्य हुई भारतभूमि अवतरित कर वीर प्रताप ,
स्वाभिमान का हथियार थाम सहे सभी ताप
युगों-युगों तक गाए जाएंगे उनकी शौर्य गाथा
शीश झुकाकर करते रहेंगे हम उनको बारम्बार प्रणाम।

सीमा प्रधान बरेली ने पढ़ा :

जड़ से खो देते दुश्मन को नस्ले उसकी करती प्रलाप।
हल्दीघाटी के शूरवीर ऐसे थे वह राणा प्रताप।
              


बदायूं के सुनील कुमार शर्मा ने पढ़ा----------


संकट के काल में भी पथ से डिगा नहीं जो
एक व्रत धारी त्रिपुरारी का पुजारी था 
भारत का महावीर हिन्दुओं का स्वाभिमान
मुगलों के लिए बना महाकाल भारी था

कवि कमल कालु दहिया ने पढा 

  ओ समर नाद रो सेवत 
       अकबर से लड़गयो 
  सगला अण रे विरोधी 
       मानसिंह पगा पड़गयो।

तत्पश्चात एस के कपूर" श्री हंस" अध्यक्ष, भारतिय हिंदी सेवा पंचायत, बरेली ने उक्त पंक्तियों से  महाराणा प्रताप को नमन किया।

महाराणा प्रताप देश के गौरव अजर
अमर महान थे।
जो कभी न भूला जाये उस चित्तौड़
की संतान थे।।


अमित राज बिहार ने कहा-----++++

रण में राणा के पराक्रम का दृश्य था सतरंगी,
लड़ रहे थे ऐसे वे जैसे लड़ रहे स्वयं बजरंगी


हरगोविंद पाठक *दीन * ने पढ़ा ------------

युध्द भूमि में बजी तान एक प्रताप की तलवार की ।
चेतक की टापें दे गयी आवाज एक मल्हार सी।


अचिन मासूम ने पढ़ा ------------

""हे वीर शिरोमणि शक्तिपुंज अतुल तेज  बल धारी,
हे क्रांति दूत राणा प्रताप जय जय हो सदा तुम्हारी!!


कविता चौहान (चंदौसी) ने पढ़ा --------

महाराणा प्रताप जैसे वीर।
हर हिन्दुस्तानी को प्यारा है।।
मेवाड़ी सरदार के चरणों।
में शत - शत नमन हमारा है।।

 किशन लाल (राजस्थान ) ने पढ़ा---

अच्छे अच्छों को धूल चटा दी रे
महाराणा प्रताप ने सबको धूल चटा दी रे


इसके अलावा अनूप सत्यवादी लखनऊ ,डां सुरेश वी देसाई गुजरात , अनिल प्रजापति मध्य प्रदेश,डां उषा पाठक कनक मिर्जापुर,डां आनंद मिश्रा अधीर बदायूं, विष्णु गोपाल अनुरागी ,पवन शंखधार बदायूं, मनीष प्रेम आदि सबने देर रात तक काव्य पाठ किया और सभी नागरिकों ने बहुत सराहा और खूब उत्साहवर्धन किया साथ ही लाकडाउन का सही उपयोग भी बताया।
इस अवसर पर श्रोता के रूप में डॉ मनोज सेनानी, सीमा चौहान, डॉ सुशील कुमार सिंह, डॉ शैलेन्द्र कुमार सिंह, अखिलेश सिंह चौहान,आर्येन्द्र पाल सिंह, शिशुपाल सिंह, राकेश सिंह,अभय प्रताप सिंह, विजय भान सिंह आदि उपस्थित रहे।

Saturday, 9 May 2020

सन्त रविदास सेवा न्यास के अध्यक्ष ने मनाई महाराणा प्रताप जयंती।

सन्त रविदास सेवा न्यास के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार जाटव के नेतृत्व में उनकी टीम के द्वारा प्रतिवर्ष महाराणा प्रताप की जयंती की पूर्व संध्या पर महाराणा प्रताप चौक पर स्थित प्रतिमा स्थल की स्वच्छता का कार्य करके देश में सामाजिक समरसता का सन्देश दिया जाता है तथा जयंती समारोह में भी विशेष सहयोग किया जाता है।इस वर्ष लाकडाउन के कारण वीरेन्द्र कुमार जाटव ने घर पर ही परिवार के साथ महाराणा प्रताप जयंती मनाई।

लोकपर्व की तरह प्रथम बार देश भर में मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती।

हर्षोल्लास के साथ घर घर में मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती।

ग्यारह सौ महाराणा प्रताप किट का जनपद भर में हुआ वितरण।

निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिता के परिणाम घोषित।

महाराणा प्रताप के बताये मार्ग का अनुसरण करें समाज - डॉ व्यस्त।

महाराणा प्रताप से लें देशभक्ति की प्रेरणा - राजीव कुमार सिंह।

महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट एवं क्षत्रिय महासभा बदायूं के तत्वावधान में महाराणा प्रताप जयंती जनपद के पचास हजार परिवारों में पर्व के रूप महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण/पुष्पार्चन कर मनाई गई। क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ सुशील कुमार सिंह, संरक्षक अमर सिंह, जिला अध्यक्ष राकेश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक भारतीय,अभय प्रताप सिंह आदि ने लाकडाउन का पालन करते हुए महाराणा प्रताप चौक पर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

तदन्तर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक आनलाइन सभा का आयोजन मार्गदर्शक आचार्य प्रताप सिंह की अध्यक्षता में किया गया। आनलाइन सभा में मुख्य अतिथि के रूप में सदस्य विधान परिषद डॉ जयपाल सिंह व्यस्त तथा विधायक दातागंज राजीव कुमार सिंह "बब्बू भैया"तथा जिलाधिकारी जौनपुर दिनेश कुमार सिंह उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए डॉ जयपाल सिंह व्यस्त ने कहा कि महाराणा प्रताप एक सच्चे राष्ट्रभक्त थे,महान योद्धा थे, शस्त्र और शास्त्र पर उनका समान अधिकार था।  उन्होंने अपना सर्वस्व देश के लिए न्योछावर कर दिया। उनकी वीरगाथा की कहानियां भारत में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी सुनाई जाती है।आज हमे महाराणा प्रताप के बताये गये मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।

विधायक दातागंज राजीव कुमार सिंह बब्बू भैया ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमने उस भारत भूमि मेंं जन्म लिया जहां महाराणा प्रताप जैसे राष्ट्रभक्त पैदा हुए। महाराणा प्रताप वीर शिरोमणि होने के साथ ही राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक हैं। सम्पूर्ण जीवन उन्होंने देश और समाज के लिए जिया। हमारे देश के नागरिकों को महाराणा प्रताप से देशभक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए।

जिलाधिकारी जौनपुर दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि समस्त जनपदवासियो को महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर निबंध व पेंटिंग प्रतियोगिता के परिणाम भी घोषित किए गए। निबंध प्रतियोगिता में उदित प्रताप सिंह ने प्रथम स्थान,अनुराग सिंह ने द्वितीय स्थान,काव्या सिंह ने तृतीय स्थान,साक्षी मिश्रा ने चतुर्थ स्थान तथा गरिमा सिंह एवं सुमित राघव ने संयुक्त रूप से पंचम स्थान प्राप्त किया।

पेंटिंग प्रतियोगिता में धनिष्का सिंह ने प्रथम स्थान,रजत प्रताप सिंह ने द्वितीय स्थान, नम्रता सिंह ने तृतीय स्थान,तान्या माथुर ने चतुर्थ स्थान व अन्जलि तोमर ने पंचम स्थान प्राप्त किया। निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को आगामी कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।

सभा में प्रमुख रूप से हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट, डॉ सुशील कुमार सिंह,प्रताप सिंह आचार्य,अमृतपाल सिंह, राकेश सिंह, जगमोहन सिंह राघव, वेदपाल सिंह कठेरिया, दिनेश सिंह एडवोकेट, अखिलेश सिंह चौहान, अमित तोमर, अवनीश सोलंकी,आर्येन्द्र पाल सिंह,अभय प्रताप सिंह, राजपाल सिंह राठोड़, धर्मेंद्र सिंह प्रधान, करूणा सोलंकी,रानी सिंह पुंडीर, भुवनेश कुमार सिंह, अवधेश सोलंकी,करन प्रताप सिंह, शिशुपाल सिंह,शिशपेन्द्र सिंह, रूपकिशोर सिंह,सौरभ सिंह, धर्मेंद्र सिंह वैध,शिवम सिसौदिया, ब्रजेश सिंह आदि उपस्थित रहे।

Friday, 8 May 2020

भारत भू के राजमुकुट का भावपूर्ण स्मरण।

जिनका शस्त्र और शास्त्र पर था समान अधिकार।

जिसने शाकाहारी होने के कारण घास की रोटी खायी, 

कभी मदिरा पान नहीं किया।

ऐसे गुणों से युक्त भारत भू के राजमुकुट, महान महायोद्धा महाराणा प्रताप का भावपूर्ण स्मरण।

देशभर में उत्साह के साथ मनाई जायेगी महाराणा प्रताप जयंती।

आनलाइन बैठक मेंं महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम की योजना को दिया अंतिम रूप।

जनपद के पचास हजार से अधिक परिवारों मेंं त्योहार की तरह मनायी जायेगी महाराणा प्रताप जयंती।

बदायूं माडल पर ही पूरे देश में घर घर में मनेगी जयंती।

जनसम्पर्क अभियान मेंं जुटे सभी पदाधिकारी।

महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम की कार्ययोजना तैयार करने हेतु महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट एवं क्षत्रिय महासभा बदायूं की नियमित आनलाइन बैठके आयोजित की जा रही है। बैठक में सभी ब्लाक अध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष, सभी प्रकोष्ठों के जिला अध्यक्ष, क्षत्रिय महासभा बदायूं के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, जनपद में निवास कर रहे मन्डल व प्रदेश के पदाधिकारी, मार्ग दर्शक मन्डल एवं संरक्षक मंडल के सदस्य भागीदारी कर रहे हैं तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जनसम्पर्क अभियान में रात दिन जुटे हुए हैं।

महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने बताया कि वर्तमान वैश्विक आपदा के दृष्टिगत लाकडाउन का पालन करते हुए घरों में ही महाराणा प्रताप जयंती मनाने की योजना पर वृहद स्तर पर कार्य चल रहा है। जनपद के पचास हजार परिवारों में जयंती के कार्यक्रम आयोजित कराने का लक्ष्य निर्धारित है।लक्ष्य की प्राप्ति हेतु प्रत्येक ब्लाक, तहसील एवं जिला स्तर पर  प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। सभी प्रभारी नियमित रूप से पदाधिकारियों व कार्यकर्त्ताओं से सम्वाद बनाये हुए हैं। बदायूं माडल पर ही पूरे देश में जयंती के कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे।

क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश के कोषाध्यक्ष डॉ सुशील कुमार सिंह ने बताया कि नौ मई को दिन में ग्यारह बजे महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण/पुष्पार्चन कर पूजन किया जायेगा। साढ़े ग्यारह बजे आनलाइन सभा का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें सदस्य विधान परिषद डॉ जयपाल सिंह व्यस्त, विधायक राजीव कुमार सिंह "बब्बू भैया"सहित कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का समाज को मार्ग दर्शन प्राप्त होगा। सायंकाल सात बजे हर घर में दरवाजे पर पांच दीपक जलाकर महाराणा प्रताप के प्रति आस्था प्रदर्शित की जाएगी। तदन्तर रात्रि में आनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता जरूरतमंदों को खाद्यान्न सामग्री से युक्त महाराणा प्रताप किट वितरित करेंगे।

क्षत्रिय महासभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि नौ मई को ही महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन पर आधारित चित्र प्रतियोगिता व निबंध प्रतियोगिता के परिणाम भी घोषित किए जायेंगे।स्थिति सामान्य होने पर समारोह का आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रतिवर्ष की भांति भामाशाह सम्मान, हाकिम खान सूरी सम्मान व प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं, चित्र प्रतियोगिता व निबंध प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

क्षत्रिय महासभा बदायूं के जिला संयोजक मुनीश कुमार  सिंह ने बताया कि इस वर्ष महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन पर आधारित एक काव्य संग्रह भी प्रकाशित किया जा रहा है।अब तक देश के आधे से अधिक राज्यों के ख्यातिलब्ध साहित्यकारों की रचनाएं प्राप्त हो चुकी है। काव्य संग्रह का विमोचन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के करकमलों द्वारा कराया जायेगा।

क्षत्रिय महासभा बदायूं के जिला अध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर समस्त जनप्रतिनिधियों तथा सामर्थ्यवान नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे जरूरतमंदों को खाद्यान्न सामग्री से युक्त महाराणा प्रताप किट का वितरण करें।इस आग्रह को स्वीकार भी किया गया है। जनपद भर में बड़  संख्या में जरूरतमंदों को महाराणा प्रताप किट का वितरण किया जाएगा। प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने सभी प्रधानों से तथा बीडीसी महासंघ के जिला अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों से महाराणा प्रताप किट वितरित किए जाने का आग्रह किया है।

जिला महासचिव वेदपाल सिंह कठेरिया ने बताया कि जिला सचिव अखिलेश सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह एवं दिनेश सिंह एडवोकेट जनसामान्य को महाराणा प्रताप के चित्र उपलब्ध करा रहे हैं। तहसील सहसवान में जिला उपाध्यक्ष शिशुपाल सिंह एवं तहसील अध्यक्ष आर्येन्द्र पाल सिंह द्वारा चित्र वितरित किए गए।बिल्सी तहसील में अखिलेश सोलंकी,भानुप्रताप सिंह व अनिरूद्ध सिंह द्वारा चित्र वितरित किए जाने का कार्य किया जा रहा है। बिसौली तहसील में सुखवीर सिंह भदौरिया, विपिन कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह,आराम सिंह द्वारा, दातागंज तहसील में राजपाल सिंह, राजीव कुमार सिंह, रवेन्द्र सिंह  व अभय प्रताप सिंह द्वारा तो बदायूं तहसील में अवधेश सिंह राठोड़,डालभगवान सिंह, धीरजपाल सिंह राणा,देवी सिंह देवड़ा द्वारा चित्र वितरण का कार्य चल रहा है। कुछ गांवों में हर घर में जयंती के कार्यक्रम मनाने की भी योजना बनाई गई है।

Thursday, 7 May 2020

भगवान बुद्ध के बताये मार्ग पर चलें।


मन वाणी कर्म और शरीर से किसी को हानि न पहुंचाना, बिना दी हुई वस्तु को न लेना,व्यभिचार न करना,मिथ्याचार न करना तथा किसी प्रकार का नशा न करना जैसे पन्चशील एवं सम्यक दृष्टि,सन्कल्प, वाणी,कर्म, आजीविका,व्यायाम, स्मृति और समाधि जैसा अष्टान्गिक मार्ग बताने वाले इच्छ्वाकु वन्शीय राजा शुद्धोधन के पुत्र भगवान विष्णु के अवतार भगवान बुद्ध की जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं।।

इस शुभ अवसर पर भगवान बुद्ध के बताये गये मार्गों में से किसी एक मार्ग को अपनाने का सन्कल्प अवश्य लें।

Wednesday, 6 May 2020

09 मई 2020 ( महाराणा प्रताप जयंती)

        09 मई 2020
।। महाराणा प्रताप जयंती ।।

# दिन में ग्यारह बजे महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प/माला आदि अर्पित कर विधि अनुसार पूजन करें।

# सायं सात बजे घी/सरसों के तेल के पांच दीपक घर के मुख्य द्वार पर जलाये।

# दिन में खाद्य सामग्री यथा आटा, चावल, दाल, आलू, मसाले, तेल आदि की 'महाराणा प्रताप किट" बनाकर अपनी सामर्थ्य अनुसार एक, पांच,ग्यारह,पच्चीस,पचास की संख्या में जरूरतमंदों को वितरित करें। 

# आनलाइन गोष्ठी/ कवि सम्मेलन में भागीदारी सुनिश्चित करें।

महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट
क्षत्रिय महासभा बदायूं
9536162424

Sunday, 3 May 2020

पत्रकारिता स्वतन्त्रता दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं।

विश्व पत्रकारिता स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर पत्रकारिता जगत से जुड़े सभी महानुभावों को हार्दिक शुभकामनाएं।

हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424

चिकित्सा और शिक्षा विभाग को रक्षा मंत्रालय के अधीन कर किया जाये जैविक सेना का गठन।

जैविक सेना के गठन का समय।

भारत चीन युद्ध में मूलभूत सन्शाधनो के अभाव में भी वीरता के साथ भारतीय सेना ने अपने आत्म विश्वास के बल पर लड़ाई लड़ी।तब से सेना को मूलभूत सन्शाधन प्रदान करने के साथ ही दुनिया की एक महत्वपूर्ण सैन्य शक्ति बनाने के प्रयास निरंतर चल रहे हैं।

किन्तु समय के साथ युद्ध की शैली भी बदल रही हैं। चीन ने इस समय पूरी दुनिया को जैविक युद्ध में धकेल दिया है। जैविक युद्ध से निपटने हेतु जैविक सेना किसी भी देश में नहीं है।उसका एक ही विकल्प निकाला गया कि घर में रहें,दूरी बनाए रखें।

इस जैविक युद्ध के समय स्वास्थ्य कर्मी जैविक सेना के सैनिकों के रूप में युद्ध लड़ रहे हैं।इन सैनिकों के पास भी मूलभूत सन्शाधन उपलब्ध नहीं है, यहां तक कि मास्क नहीं है,पी पी ए किट भी नहीं है, सेनिटाइजर का भी अभाव है। जनसंख्या की दृष्टि से दुनिया का सबसे बड़े देश के चिकित्सा तंत्र का आकलन भी इस जैविक युद्ध में हो गया है।

वर्तमान में हर देश में थल,जल और वायु तीन प्रकार की सेनाये हैं।अब हर देश को चौथी सेना जैविक सेना बनानी पड़ेगी। जैविक सेना के दो महत्वपूर्ण अंग हो सकते हैं, चिकित्सा और शिक्षा विभाग।इन दोनों विभागों को रक्षा मंत्रालय के अधीन लाकर एक जैविक सेना अध्यक्ष की नियुक्ति की जानी चाहिए।

जैविक सेना की अग्रिम चौकियों के रूप में गांव गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय, आंगनवाड़ी केन्द्र कार्य करेंगे।इन चौकियों को सुदृढ़ करने के लिए इन्हें सन्शाधन उपलब्ध कराने पड़ेंगे तथा पाठ्यक्रम में भी बदलाव करने पड़ेंगे ताकि नागरिक जैविक युद्ध के समय भी बिना किसी चिन्ता के जीवन जी सकें।

तत्पश्चात प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और माध्यमिक विद्यालयों को भी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर सुदृढ़ करना पड़ेगा। जनपद स्तर पर स्थापित चिकित्सालयों के भी मानक पूरे कर,वेन्टीलेटर की सुविधा उपलब्ध करानी पड़ेगी। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि अनेक जिला चिकित्सालय वेन्टीलेटर की सुविधा से वन्चित हैं। जनपदों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, किन्तु चिकित्सकों के व अन्य प्रशिक्षित चिकित्सा कार्मिकों के अभाव में नागरिक लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं।

इसलिए भविष्य में युद्ध के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार जैविक सेना के गठन के प्रयास आरंभ करें ताकि देशवासियों को वर्तमान परिस्थिति का फिर सामना न करना पड़े।







Saturday, 2 May 2020

महाराणा प्रताप जयंती घर में ही मनाये देशवासी।

सभी देशवासी घर में ही त्योहार की तरह मनाये महाराणा प्रताप जयंती।

महाराणा प्रताप जयंती मनाने की विधि :
( यह मैसेज अपने हर परिचित व सम्बन्धी को प्रेषित करें। महाराणा प्रताप के चित्र को व्हाटस एप पर डीपी के रूप में तथा फेशबुक पर प्रोफाइल पिक्चर के रूप में प्रयोग करें। )

आवश्यक सामग्री
१- महाराणा प्रताप का एक चित्र।
२-एक स्टूल या मेज।
३- एक मेजपोश या स्टूल/मेज पर विछाने हेतु स्वच्छ कपड़ा।
४- पुष्प/पुष्प माला।
५- एक दीपक।
६- रुई की बत्ती।
७- देशी घी/ सरसों का तेल।
८- माचिस।
९- रोली।
१०- अक्षत/चावल।
११- धूपबत्ती/अगरबत्ती।
१२- पांच दीपक मिट्टी या आटा के।

09-05-2020 को दोपहर 11:00 बजे महाराणा प्रताप जयंती इस प्रकार मनाये :-
-------------------------------------------------

उपरोक्तानुसार सामग्री एकत्र कर लें। 
(यदि चित्र उपलब्ध नहीं है तो किसी भी इन्टरनेट कैफे से प्रिन्ट निकलवा लें।)
सर्वप्रथम एक स्वच्छ स्थान पर स्टूल/मेज डाले तथा उस पर मेजपोश/कपड़ा विछावे। फिर उस पर महाराणा प्रताप का चित्र स्थापित करें। चित्र पर रोली चावल से तिलक करें, पुष्प/पुष्प माला अर्पित करें, धूपबत्ती/अगरबत्ती जलाएं, फिर एक दीपक जलाकर महाराणा प्रताप को प्रणाम करें तथा उनके गुणों को जीवन में उतारने का संकल्प ले।

सायंकाल सात बजे :-
---------------------------
सभी परिजनों के साथ घी अथवा सरसों के तेल के पांच दीपक अपने घर के दरवाजे पर जलाये।

विशेष :- १-उपरोक्त दोनों कार्यक्रमों में स्वच्छता का ध्यान रखें,स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
२- महाराणा प्रताप के जीवन से सम्बन्धित पुस्तकें पढ़ें। पुस्तक उपलब्ध न होने पर गूगल का सहारा लें।
३- नई पीढ़ी को महाराणा प्रताप की जीवनी पढ़ने हेतु प्रेरित करें।

निवेदक :
हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
अध्यक्ष
महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट
101 विधि आश्रम, गली क्रमांक एक,
शिवपुरम,बदायूं, उत्तर प्रदेश (243601)
सम्पर्क : 9536162424

Friday, 1 May 2020

मनरेगा की विफलता

श्रमिक दिवस पर विशेष :
------------------------------

निवास स्थान पर ही वर्ष में सौ दिन काम देने की गारंटी देते हुए भारत सरकार ने एक  " नरेगा " नाम से एक कानून बनाया।

बाद में वर्ष में सौ दिन काम देने वाली इस योजना को सफल मानकर राष्ट्र पिता महात्मा गांधी को समर्पित करते हुए इसका नाम  " मनरेगा " कर दिया गया।

इस योजना के लिए प्रतिवर्ष बहुत बड़ा बजट आवंटित किया जाता है।

प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने संसद में मनरेगा को कांग्रेस की विफलता का स्मारक बताते हुए इस योजना को जारी रखा।

इस योजना की निगरानी के लिए एक तन्त्र भी बनाया गया तथा शिकायत निवारण तंत्र भी बनाया गया।

निगरानी तंत्र को सक्रिय नहीं किया गया। निगरानी के लिए विभिन्न स्तरों पर मनरेगा लोकपाल की नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति तो निकाली गई किन्तु लोकपाल नियुक्त नहीं किए गए।

शिकायत निवारण नियमावली का भी प्रचार प्रसार नहीं किया गया।

कभी भारत सरकार या राज्य सरकार ने इस रोजगार देने की गारंटी वाली योजना की समीक्षा करना भी आवश्यक नहीं समझा कि इस योजना में प्रतिवर्ष किस ग्राम पंचायत में कितने नागरिकों को वर्ष में सौ दिन रोजगार दिया गया।

लाकडाउन में बहुत बड़ी बजट वाली रोजगार गारंटी योजना मनरेगा की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक हो गई।जब पूरे देश में श्रमिकों का हुजूम अपने गांव की ओर उमड़ पड़ा।जो आज भी जारी है।

अब आप ही तय करें कि यह रोजगार गारंटी योजना है या घोटालों की जननी है।

और इसकी आवश्यकता व उपयोगिता क्या है।

वास्तव में आज देश का मजदूर अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मजबूर है और उसकी मजबूरी को समझने के प्रयास भी नहीं हो रहे हैं।

भारतीय श्रमिक पंचायत
9536162424