Wednesday, 6 July 2022

सम्मान समारोह की तैयारियां पूर्ण।

आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में देश के 75 श्रेष्ठ शिक्षकों को किया जायेगा सम्मानित।

पर्यावरण संरक्षण व हिंदी साहित्य के लिए विशिष्ट योगदान देने वाले महानुभावों को भी किया जायेगा सम्मानित।

नौ महिलाओं को मिलेगा नारी शक्ति सम्मान।

सम्मान समारोह की तैयारियों को दिया अंतिम रूप।

उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान समारोह  की समीक्षा बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। कार्यक्रम आयोजक जन दृष्टि (व्यवस्था सुधार मिशन) के संस्थापक/ अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट ने बताया कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी जन दृष्टि (व्यवस्था सुधार मिशन) के तत्वावधान में संगठन के प्रेरणा पुंज सादगी, सदाचरण, विनम्रता व ईमानदारी की प्रतिमूर्ति आदर्श शिक्षक श्रद्धेय संतपाल सिंह राठौड़ की अष्टम पुण्यतिथि के अवसर पर   ""सन्तपाल सिंह राठौड़ स्मृति राष्ट्रीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान 2022""  प्रदान किए जाने हेतु दिनांक 15 जुलाई 2022 को  समय 12 :00 बजे  प्रभा शंकर मेमोरियल स्काउट भवन  बदायूं में कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। 

कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रुप में सांसद आंवला धर्मेंद्र कश्यप, सदस्य विधान परिषद डॉ जयपाल सिंह "व्यस्त" एवम् विधायक दातागंज राजीव कुमार सिंह ""बब्बू भईया""  उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता  रामबहादुर पाण्डेय करेगे। साथ ही ख्यातिलब्ध शिक्षाविद व साहित्यकार भी सहभागिता करेगे।

इस वर्ष देश और विदेश से दो सौ से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं हैं। निर्णायक मंडल द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के दृष्टिगत पचहत्तर श्रेष्ठ शिक्षकों को "" संतपाल सिंह राठौड़ स्मृति उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान 2022""  हेतु चयन किया जायेगा। इस वर्ष ग्रीष्म नवरात्रि में ऐसी नौ महिलाओं का चयन किया गया है जिन्होंने अपने उल्लेखनीय कार्यो से समाज को प्रभावित किया है, उन्हे भी ""नारी शक्ति सम्मान 2022"" से सम्मानित किया जायेगा। पर्यावरण संरक्षण व हिंदी साहित्य के क्षेत्र मे विशिष्ट योगदान देने वाले महानुभावों को भी सम्मानित किया जाएगा।

श्री राठौड़ ने बताया कि पुण्य तिथि के अवसर पर स्व संतपाल सिंह राठोड़ की स्मृति में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता व सहयोगी एवं प्रतिभागी शिक्षक एक उपयोगी वृक्ष लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेंगे। कार्यक्रम का फेसबुक व यूटयूब के माध्यम से भी सीधा प्रसारण किया जायेगा, प्रतिभागी शिक्षक व अन्य नागरिक फ़ेसबुक और यूटयूब के माध्यम से भी कार्यक्रम से जुड़ सकेगे। 

समीक्षा बैठक में केन्द्रीय कार्यालय प्रभारी रामगोपाल, सह केन्द्रीय कार्यालय प्रभारी अखिलेश सिंह,  प्रदेश समन्वयक डॉ सुशील कुमार सिंह, मंडल समन्वयक एम एच कादरी,  भारतीय हिंदी सेवी पंचायत के संयोजक पवन शंखधार, संयोजक मंडल के सदस्य पल्लवी भारद्वाज, शीतल विजय भूतेश्वर,  निर्णायक मंडल के सदस्य आचार्य प्रताप सिंह, मनीष प्रेम व मधु प्रिया चौहान ने सहभागिता की।

Saturday, 18 June 2022

बलिदान दिवस पर वीरांगना का भाव पूर्ण स्मरण।

क्षत्रिय महासभा बदायूं, रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थापना समिति एवं महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के पदाधिकारियों , सहयोगियों व गणमान्य नागरिकों ने रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर अर्पित किए पुष्प।

आज़दी  के अमृत महोत्सव को समर्पित होगा वीरांगना चौक का लोकार्पण समारोह।

रानी लक्ष्मीबाई की जयंती के अवसर पर क्षत्रिय महासभा बदायूं, रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थापना समिति एवं महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के पदाधिकारी, सहयोगी व कार्यकर्ता प्रात:  09 बजे वीरांगना चौक बदायूं  पर एकत्र हुए तथा वीरांगना के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पार्चन कर वीरांगना का भावपूर्ण स्मरण किया।

इस अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थापना समिति के सदस्यों द्वारा वीरांगना चौक के लोकार्पण की योजना तैयार की गईं। लोकार्पण समारोह अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। समारोह स्वतन्त्रता के अमृत महोत्सव को समर्पित रहेगा। प्रतिमा का लोकार्पण रानी लक्ष्मीबाई की परम्परा के ही किसी राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध व्यक्तित्व के करकमलों द्वारा कराया जायगा।

श्रद्धा सुमन अर्पित करने हेतु प्रमुख रूप से अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बदायूं दीपमाला गोयल, नगर मजिस्ट्रेट अमित कुमार, रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थापना समिति के अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, महासचिव हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट, महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के ट्रस्टी धनपाल सिंह,  क्षत्रिय महासभा बदायूं के मार्गदर्शक प्रताप सिंह आचार्य, जिला संयोजक मुनीश कुमार सिंह, कार्यकारी जिला अध्यक्ष डाल भगवान सिंह, ज़िला उपाध्यक्ष अखिलेश चौहान, ज़िला महासचिव रतन वीर सिंह, ज़िला संगठन मंत्री अवनीश सोलंकी, भुराज सिंह, सैनिक सभा के संरक्षक विजय रतन सिंह, सुरेश पाल सिंह चौहान, ब्लाक प्रमुख पति  ज़िला उपाध्यक्ष सतेंद्र सिंह चौहान , जिला अध्यक्ष क्षत्रिय कृषक सभा मनोज कुमार सिंह, जिला अध्यक्ष क्षत्रिय दिव्यांग सभा धर्मेंद्र सिंह वैद्य, नगर उपाध्यक्ष राजपाल सिंह राठौड़, नगर सचिव शेर बहादुर सिंह, रानी सिंह पुंडीर,  राजेश कुमार सिंह, अवनीश कुमार सिंह,  सुरेश सिंह सिसौदिया,  विनोद सोलंकी, मुनेंद्र सिंह, अमित सिंह, अभय पुंडीर, रवि सोलंकी, आर्येंद्र पाल सिंह, मनोज सिंह, एमएच कादरी, कैलाश सिंह गौर, सत्यवीर सिंह चौहान, सुशील गुप्ता, आलोक सिंह आदि उपस्थित रहे।

Thursday, 16 June 2022

दोष पूर्ण नीतियों के कारण गार्ड बनने को विवश होता है रिटायर्ड फौजी, चार साला फौजी का भविष्य अंधकारमय।

चार साला फौजियों के भविष्य को लेकर अभी प्रतिक्रिया देना जल्दबाजी होगी।
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अभी पूर्णकालिक सेवानिवृत फौजियों के बारे में कुछ बिंदुओं पर चर्चा करना श्रेयस्कर होगा :-
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केंद्र व राज्य के सभी विभागों में पूर्व सैनिकों को नियुक्तियों में आरक्षण की व्यवस्था है......

यदि आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाता तो हर सरकारी दफ्तर में एक फौजी अवश्य बैठा दिखाई देता, किन्तु ऐसा नहीं है, क्यों कि यदि हर दफ्तर में एक फौजी बैठ गया तो उस दफ्तर की व्यवस्थाएं सुधर जायेगी , सब कुछ बदला हुआ दिखेगा  , अनुशासन दिखेगा , नागरिकों को बेहतर सेवा मिल सकेगी, रिश्वतखोरी पर लगाम लगेगी।

इसीलिए फौजियों को आरक्षित पद अन्य वर्ग से भर दिए जाते हैं और फौजी बेचारा बैंक के बाहर बंदूक लिए खड़ा मिलेगा या फिर किसी प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी में गार्ड बन जायगा।

अब फौजी के साथ एक और मजाक देखिए, जिस बंदूक के कारण उसे रोजगार मिलता है उस बंदूक का लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए उसे कितने पापड़ बेलने पड़ते हैं, हर बार एन ओ सी लानी पड़ती है, असलाह ऑफिस में चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है, बाबू कैंटीन से घरेलू सामान भी मगवा लेता है, बोतल बोनस में लेता है। लेकिन निर्देशों के बाद भी फौजियों के लाइसेंस उनके गृह जनपद में दर्ज नहीं किए गए हैं ताकि उनका शोषण किया जा सके।

यह है एक रिटायर्ड फौजी की कहानी, भरोसा न हो तो किसी बैंक के बाहर बंदूक टांगे खड़े फौजी से इन तथ्यों की पुष्टि की जा सकती है।

Friday, 3 June 2022

आठ वर्ष में प्रधानमंत्री जी से आठ अपेक्षाएं।

भारत माता की जय !
वंदे मातरम् !
इंकलाब ज़िंदाबाद !

भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान की प्रधानमंत्री से आठ वर्ष में आठ अपेक्षाएं :
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१- एक देश , एक चुनाव, एक चुनाव आयोग व एक मतदाता सूची की नीति बने। स्थानीय निकायों व पंचायतों के चुनाव भारत निर्वाचन आयोग द्वारा ही कराएं जावे।

 २- लोकपाल को सक्रिय कर देश के समस्त राज्यों में लोकायुक्त की अनिवार्य रूप से नियुक्ति हो।

३- नागरिकों को सरकारी सेवाएं निर्धारित अवधि मिले, एतदर्थ सिटीजन चार्टर/ जनहित गारंटी कानून को प्रभावी बनाते हुए नियमित निगरानी तंत्र विकसित हो।

४- सूचना का अधिकार दम तोड़ रहा है। सूचना प्राप्ति हेतु तीन से पांच साल तक लड़ाई लड़नी पड़ रही है।अस्तु सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में संशोधन करके तत्काल सूचना दिए जाने,प्रथम अपील पन्द्रह दिन में व द्वितीय अपील एक माह में तय करने की व्यवस्था हो। धारा चार के अन्तर्गत सभी सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की चल अचल संपत्तियां सार्वजनिक हो तथा राष्ट्रीय आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश व राज्य आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति की अनिवार्यता हो।

५-  न्यायपालिका को कुछ घरानों के कब्जे से मुक्त कराने हेतु भारतीय न्यायिक सेवा (IJS) का गठन हो साथ ही नागरिकों के हित में उच्चतम न्यायालय की देश में चार उपयुक्त स्थलों पर पीठ स्थापित हो तथा राज्यों में मंडल स्तर पर उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित हो।

६- सामाजिक कार्यकर्ताओं व सूचना कार्यकर्त्ताओं  की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु शीघ्र कानून बने।

७- शिक्षा और चिकित्सा को निजी हाथों से मुक्त कराकर सरकार अपने नियंत्रण में ले।।

८- जन प्रतिनिधियों, उनके परिजनों व संबंधियों की चल अचल परिसंपत्तियों में हो रही गुणोंत्तर वृद्धि की निगरानी हेतु तंत्र विकसित हो।

जय हिन्द !


हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
अध्यक्ष/संस्थापक
जन दृष्टि (व्यवस्था सुधार मिशन)
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424

( सभी सूचना व सामाजिक कार्यकर्ता यह आठ अपेक्षाएं माई ग्रीवांस पोर्टल व ट्विटर के माध्यम से प्रधानमंत्री जी को प्रेषित करें। )

Tuesday, 31 May 2022

सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव सम्मानित।

सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को किया सम्मानित।

जिला सिविल बार एसोसिएशन बदायूं के सभागार में ग्रीष्मावकाश प्रारम्भ होने से पूर्व कार्यक्रम का आयोजन अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता एडवोकेट की अध्यक्षता में किया गया। 

पुलिस द्वारा अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट के विरुद्ध  फर्जी अभियोग पंजीकृत किए जानें के प्रकरण में सहयोग किए जाने के कारण जनपद के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं  द्वारा बार के अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता एडवोकेट और सचिव अरविंद पाराशरी एडवोकेट को माला पहनाकर व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए सिविल बार एसोसिएशन बदायूं के सचिव अरविंद पाराशरी एडवोकेट ने कहा कि एकता में शक्ति होती है, एकता का ही परिणाम है कि सिविल बार एसोसिएशन द्वारा जो भी मुद्दे उठाए गए, उनमें सफलता प्राप्त हुई। सदस्यों के मान सम्मान से बार कभी समझौता नहीं करेगी।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से सुभाष चन्द्र गुप्ता एडवोकेट, हेमेंद्र कुमार एडवोकेट, हिमांशु कुमार एडवोकेट, ब्रज पाल सिंह एडवोकेट, अनुराग शर्मा एडवोकेट, विवेक रेंडर एडवोकेट, रक्षित सरन एडवोकेट, कौशलेंद्र मोहन शर्मा एडवोकेट, राजीव सक्सेना एडवोकेट, मोहित अग्रवाल एडबोकेट, वेद प्रकाश साहू एडवोकेट, संजीव कुमार वैश्य  एडवोकेट, नरसिंह प्रसाद गुप्ता एडवोकेट, सुरेंद्र मोहन सक्सेना एडवोकेट, सुभाष सक्सेना एडवोकेट, जफर हुसैन एडवोकेट,  सिशनेस सक्सेना एडवोकेट, मधुकर शर्मा एडवोकेट, अर्पित श्रीवास्तव एडवोकेट, रामेंद्र रेंडर एडवोकेट, संदीप सिंह एडवोकेट, सोना गुप्ता एडवोकेट , शब्बीर हसन एडवोकेट,  भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के पदाधिकारी धनपाल सिंह, एम एल गुप्ता, रामगोपाल, अखिलेश सिंह, एम एच कादरी, महेश चंद्र, जयकिशन लाल  आदि उपस्थित रहे।

कवि व अधिवक्ता रवि शर्मा की फेसबुक वाल से साभार।

---- गीत --- 
            --- आंदोलित नारी शक्ति ---

बहुत हो चुका चूल्हा चकिया, सहकारी परिवार चाहिए !
हाड़-मांस की मै भी पुतली, मुझको भी रविवार चाहिए !!

सात रंग से बनी रंगोली, केंद्र बिन्दु में मै रहती हूँ ,
सबकी मांगे पूरी करने , दिन भर झरने सी बहती हूँ !
कर्तव्यों को खूब निभाया, अब मुझको अधिकार चाहिए !!

सूरज के संग मै उठ जाती , तारों के संग सो जाती हूँ,
सबके सुख की चिन्ता में मै, हर पल चिन्तित हो जाती हूँ !
पर हफ्ते में एक दिवस अब, गरम चाय अखबार चाहिए !!

ना मै कोई जिन्न-देवता , ना मै जादू भरी पिटारी ,
पर सब मुझसे यही चाहते , मांगे पूरी होवे सारी !
अब से ऐसा नहीं चलेगा , बराबरी का भार चाहिए !!

हाँ, मै माँ हूँ , पत्नी भी हूँ , तुम भी तो बेटे या पति हो,
प्यार तुम्हारा क्या यह कहता, केवल मेरी ही दुर्गति हो !
कार्य घरेलू सात-एक में ,बांटो ,ना तकरार चाहिए !!

                         ---रवि शर्मा एडवोकेट

Monday, 30 May 2022

व्हिसिल ब्लोअर प्रोटेक्शन बिल हो लागू ।

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर विशेष :
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पत्रकारों, सामाजिक/सूचना कार्यकर्त्ताओं की सुरक्षा हेतु बने कानून।

व्हिसिल ब्लोअर प्रोटेक्शन बिल हो लागू।

राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर गठित हो शक्ति सम्पन्न आयोग।

चिकित्सा, बीमा व पेंशन योजनाओं का मिले लाभ।

शासन के तीन अन्ग हैं -  विधायिका, कार्यपालिका व न्यायपालिका। समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के कारण मीडिया का इतना महत्त्व बढ़ गया कि उसे लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाने लगा।

इसके पीछे पत्रकारों की लम्बी सन्घर्ष गाथा है। इस समय प्रिन्ट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ सोशल मीडिया ने एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। सक्रियता बढ़ने से ख़तरे भी बढना स्वाभाविक है। मीडिया कर्मियों पर हमले होना,हत्या हो जाना, परिजनों का उत्पीड़न होना, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों व भ्रष्ट तत्वों द्वारा निरन्तर हमलों,फर्जी मुकदमे लिखे जाने की एक बहुत विशाल श्रन्खला है। 

मीडिया कर्मियों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न स्तरों पर आवाज भी उठी। संसद में भी अनेक बार पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई। विभिन्न राज्य सरकारों ने भी अपने स्तर से सुरक्षा को लेकर दिशा निर्देश जारी किए किन्तु कोई कानून नहीं बन सका।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया भी ज्यादा शक्ति सम्पन्न नहीं है।
पत्रकारों की सुरक्षा हेतु कानून बनने में सबसे बड़ी बाधा नौकरशाही है। वर्ष 2011 में व्हिसिल व्लोअर प्रोटेक्शन बिल लाया गया जो संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया और राष्ट्रपति के पास वर्ष 2014 से लम्बित है। इस बिल के द्वारा भ्रष्टाचार के विषय उठाने वालों की सुरक्षा के उपाय किए गए हैं।इसी तरह लोकपाल कानून बन जाने के बाद भी आज तक नौकरशाही की वजह से निष्प्रभावी है। नौकरशाही अपने ऊपर किसी भी प्रकार का अंकुश नहीं चाहती और हमारे नेतागण उस पर पूरी तरह से आश्रित है।

पत्रकारों साथ ही स्वतन्त्र रूप से लोक कल्याण के विषय उठाने वाले सामाजिक व सूचना कार्यकर्त्ताओं की सुरक्षा व संरक्षा हेतु एक  केन्द्रीय कानून की जरूरत है। इस कानून में पत्रकारों, सामाजिक व सूचना कार्यकर्त्ताओं के सम्मान की सुरक्षा की गारंटी हो। इन पर हमला करने वालों की तत्काल गिरफ्तारी हो साथ ही जमानत की व्यवस्था न हो तथा त्वरित न्यायालय में सुनवाई की व्यवस्था हो।

राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर उच्चतम न्यायालय व उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में शक्ति सम्पन्न आयोग गठित हो,आयोग में वरिष्ठता व योग्यता के आधार पर पत्रकारों व सामाजिक/सूचना कार्यकर्त्ताओं को भी सदस्य नामित करने की व्यवस्था हो। आयोग की अनुमति के बिना पत्रकारों, सामाजिक/सूचना कार्यकर्त्ताओं के विरुद्ध दान्डिक अभियोग पंजीकृत न हो। 
केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न स्तरों पर गठित समितियों में इन्हें स्थान दिया जावे। जिला मुख्यालयों पर इनके बैठने हेतु भवन की व्यवस्था हो। सरकार की ओर से इन्हे चिकित्सा, बीमा, पेंशन जैसी सुविधाओं से आच्छादित किया जाये। समन्वय हेतु जिला,मन्डल व राज्य स्तर पर प्रशासन के साथ मासिक बैठक का आयोजन हो जिसमें इनकी समस्याओं का तत्काल समाधान हो।साथ ही इनके लिए भी एक आचार संहिता बनाई जावे ताकि इस क्षेत्र में भी आवश्यक सुधार हो सके।

हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
अध्यक्ष/ संस्थापक
जन दृष्टि (व्यवस्था सुधार मिशन)
9536162424