Thursday, 16 July 2020

बनेगा विश्व गुरु कैसे बताओं अपना हिन्दुस्तान ?

मित्रो ! ये कैसी विडम्बना है कि सभी बे-ईमान अफ़सर, विज़नेश मैन, अभिनेतागण, राजनेतागण अथवा अन्यान्य बेईमान अपने निजी नौकर-ड्राइवर, सर्वथा पाक-साफ़ और ईमानदार ही चाहते हैं । बस यही एक सच, इस रचना का सूत्रधार है ।

 देश  के  सारे  बे - ईमान, चाहते  "नौकर"  बा-ईमान
         बनेगा  विश्वगुरू  कैसे,  बताओ  अपना  हिंदुस्तान ?

अपच  की  बीमारी से  दूर, अधिकतर नेता  बादस्तूर
माँगते  खुलेआम  उत्कोच, न करते  रत्तीभर  संकोच 
काम जिस स्तर का होता, उसी अनुसार खोलते चोंच
बनाते  हैं  जब  ये  क़ानून, छोड़  देते  हैं उसमें  लोच 
सियासत ही इनका व्यवसाय,इसी से खूब हो रही आय
अदालत, ई. डी. ,इन्कमटैक्स, सामने इनके हैं निरुपाय
जानता  है  हर  इक  इंसान, हो  रहे  कैसे  ये धनवान 
        बनेगा   विश्वगुरू  कैसे,  बताओ  अपना  हिंदुस्तान ?

गिनायें किस-किसकी करतूत,आचरण इनके स्वतः सुबूत
घूस के  रोज़  बढ़ाते रेट, न  भरता फिर भी जिनका पेट
वही  सरकारी  बाबू  लोग , कहें   रिश्वत  को " पेपरवेट "
शहीदों  ने  जो  देखे  स्वप्न , कर  रहे  उनको  मटियामेट 
हाज़िरी की लेते तनख़्वाह , काम के एवज़ धन की चाह
इन्हें  जन्नत  या  दोज़ख़ की, नहीं है किंचित भी परवाह
भले  हों  चपरासी - दरबान, सभी निष्ठुरता की पहचान
      बनेगा   विश्वगुरू  कैसे ,  बताओ  अपना   हिंदुस्तान ?

आप  क्या कर  लेंगे  मोदी ?और क्या कर  लेंगे  योगी??
भेजते आप हमें जो चीज़, वो हम तक आते जाती छीज
बात  जनता से करने की, किसी अफ़सर को नहीं तमीज़ 
और हर एक कलक्टर की,सिर्फ़ दिखती है धवल कमीज़
हाल  ये  हर  दफ़्तर  का है, हाल  ये  हर  अफ़सर का है
राजनेताओं   का  आदेश ,  इन्हें   लगता   ईश्वर  का   है 
भटकते  फिरते   दीन  किसान  मगर  ये  सारे  बे-ईमान
सुरक्षित  "फ्यूचर"  निधि वाले, दिखाई  पड़ते  हैं  हैवान
     बनेगा  विश्वगुरू   कैसे  ,  बताओ  अपना   हिंदुस्तान ?

                                                       ■ टिल्लन वर्मा

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