ये आयोजन दो स्तरों पर हो रहे हैं, एक सरकारी स्तर पर, जिसमे भारी भरकम बजट खर्च किया जा रहा है।
दूसरा संगठन के स्तर पर, जिसमें कार्यकर्ता अपने व्यय पर नागरिकों को सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियां बताएंगे।
उपलब्धियों के सहारे वोट बैंक बढ़ाने की कवायद चल रही है।
चार वर्ष में सरकार द्वारा क्या कोई इस प्रकार का कार्य किया गया है जिससे यह सिद्ध हो कि नागरिकों को सरकारी सेवाएं बिना किसी बाधा के समय बद्ध ढंग से मिले, सरकारी योजनाओं का लाभ भी बिना किसी बाधा के नागरिकों को मिल रहा है अथवा नहीं। सरकारी सेवा प्राप्त करने में व सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में नागरिकों को रिश्वत तो नहीं देनी पड़ रही है।
इस विषय पर सरकार द्वारा कोई कवायद नहीं की गई।
अच्छा तो यह रहे कि सरकार संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निगरानी में लगाती।
यदि थाना, ब्लाक, तहसील, अस्पताल, विकास भवन, कलक्ट्रेट में संगठन की ओर से नागरिक हेल्प डेस्क बनाकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भारी भरकम फौज को तैनात कर दिया जाए , ताकि नागरिकों को सरकारी सेवाएं एवं सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के, बिना रिश्वत दिये, समयबद्ध ढंग से प्राप्त हो सके।
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