Tuesday, 27 April 2021

व्यवस्था का उल्लंघन कर मतगणना हेतु जारी किए जा रहे हैं निर्देश।

नियमावली में वर्णित व्यवस्था का उल्लंघन कर मतगणना कराए जाने हेतु जारी किए गए हैं दिशा निर्देश।
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पंचायत चुनाव की मतगणना दो मई को जनपद बदायूं में चौदह स्थानों पर पंद्रह मतगणना केन्द्रों पर प्रारंभ होगी। मतगणना के संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी बदायूं की ओर से पत्र संख्या 871/जि0नि0का0(पं0)/सूचना/2021 दिनाँक 24अप्रैल 2021 के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दिशानिर्देश निर्गत किये गए हैं।

उक्त प्रेस विज्ञप्ति की प्रस्तर चार में व्यवस्था दी गई है कि मतगणना कक्ष में उम्मीदवार, निर्वाचन अभिकर्ता तथा गणना अभिकर्ता में से एक बार में एक ही व्यक्ति उपस्थित रह सकता है। उत्तर प्रदेश पंचायत राज (सदस्यों, प्रधानों और उप प्रधानों) का निर्वाचन नियमावली, 1994 में नियम 46 से नियम 55 तक तथा नियम 101 से नियम 110 तक एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत (सदस्यों का चुनाव) नियमावली 1994 में नियम 47 से नियम 56 में मतगणना के संबंध में व्यवस्था दी गई है।

उत्तर प्रदेश पंचायत राज (सदस्यों, प्रधानों और उप प्रधानों) का निर्वाचन नियमावली 1994 के नियम 48(1) व नियम 103 तथा उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत (सदस्यों का चुनाव) नियमावली 1994 के नियम 49 में व्यवस्था दी गई है कि मतगणना स्थल पर उम्मीदवार, निर्वाचन अभिकर्ता और गणना अभिकर्ता उपस्थित रहेंगे। इस नियम में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि गणना के समय उम्मीदवार, निर्वाचन अभिकर्ता और गणना अभिकर्ता तीनों में से एक ही उपस्थित रहेगा। प्रेस विज्ञप्ति की प्रस्तर चार उक्त  व्यवस्था के विरुद्ध है।

जिला पंचायत सदस्य पद की गणना एक से अधिक टेबिल पर होगी, ऐसी स्थिति में जितनी गणना टेबिल होंगी, एक प्रत्याशी के उतने ही गणना अभिकर्ता होंगे, साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर की टेबिल के लिए प्रथक से गणना अभिकर्ता की नियुक्ति होगी।

कई जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र ऐसे हैं, जिनकी गणना एक से अधिक मतगणना स्थलों पर होगी, ऐसे क्षेत्रों से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को मतगणना स्थलों पर आवागमन हेतु भी सुविधा की दृष्टि से स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किया जाना आवश्यक है।

उत्तर प्रदेश पंचायत राज सदस्यों, प्रधानों और उपप्रधानो का निर्वाचन नियमावली 1994 के नियम 52 और 107 एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव नियमावली 1994 के नियम 53 में पारदर्शिता बनाये रखने हेतु व्यवस्था दी गई है कि निर्वाचन अधिकारी निर्धारित प्रारूप पर एक निर्वाचन विवरणी तैयार करेगा, निर्वाचन विवरणी में उम्मीदवारों के नाम, प्रत्येक उम्मीदवार को दिये गए वैध मतों की संख्या, वैध मतों की कुल संख्या, अस्वीकृत मतपत्रों की संख्या, निविदत्त मतों की संख्या और निर्वाचित उम्मीदवार का नाम अंकित होगा। उक्त निर्वाचन विवरणी उम्मीदवार को प्राप्त कराई जाएगी। किन्तु इस व्यवस्था का पालन नहीं किया जाता है। 

इस संबंध में :
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1- गणना स्थल पर मतगणना के समय उम्मीदवार, निर्वाचन अभिकर्ता, गणना अभिकर्ता तीनों की उपस्थिति के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए जाए।
2- उम्मीदवारों को टेबिल की संख्या के अनुसार गणना अभिकर्ता नियुक्त किए जाने एवं रिटर्निंग अधिकारी की टेबिल हेतु प्रथक से गणना अभिकर्ता नियुक्त करने हेतु स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जावे।
3- जिन उम्मीदवारों की गणना एक से अधिक गणना स्थलों पर होगी, उन उम्मीदवारों को उन सभी मतगणना स्थलों पर आवागमन के संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जावे।
4- इसी प्रकार मतगणना के पश्चात उम्मीदवारों को अनिवार्य रूप से मतगणना विवरणी प्रदान किये जाने के संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जावे।


हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
संस्थापक/अध्यक्ष: जन दृष्टि( व्यवस्था सुधार मिशन )
मुख्य प्रवर्तक: भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424 


Saturday, 24 April 2021

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर विशेष !

।।कृपया पढ़ें अवश्य ।।

आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस है।

प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी गत वर्ष पंचायत प्रतिनिधियों से सम्वाद कर चुके हैं।

नागरिकों के स्वास्थ्य की अपेक्षा पंचायत चुनाव को प्राथमिकता दी गई ताकि पंचायते प्रतिनिधि विहीन न रहें।

जिस तरह की गंभीरता सरकार द्वारा पंचायत चुनाव को लेकर दिखाई गई ...............  क्या कभी पंचायतों की दुर्दशा पर इनकी दृष्टि गई या फिर दृष्टि डालना जरूरी नहीं समझा गया।

ग्राम विकास से जुड़े विभागों के एकीकरण की भी चर्चा हुई किन्तु मंत्री पद कम हो जाने, अधिकारियों के पद कम हो जाने, प्रमोशन न होने या प्रमोशन में विलम्ब को लेकर नौकरशाही इस कार्य में बाधा बन गई। और पंचायत राज विभाग तथा ग्राम्य विकास विभाग एकीकृत नहीं हो सके।

कुछ अतिमहत्वपूर्ण तथ्य जो विचारणीय है :-
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१- क्या सभी ग्राम पंचायतों के अपने कार्यालय हैं?
२- क्या सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत अधिकारी व लेखपाल की नियुक्ति की गई है?
३-क्या सभी ग्राम पंचायतों में उत्तर प्रदेश पंचायत राज नियमावली के नियम 63 में वर्णित अभिलेख उपलब्ध है ? 
४- क्या पंचायत राज अधिनियम में दी गई व्यवस्था के अनुसार ग्राम पंचायत की बैठकें आयोजित की जाती है?
५-क्या पंचायत राज अधिनियम में दी गई व्यवस्था अनुसार गठित आधा दर्जन समितियां ग्राम पंचायतों में सक्रिय हैं ?
६- क्या ग्राम पंचायतों में कराये गये विकास कार्यों का विवरण सार्वजनिक स्थानों पर अंकित किया जाता है? 
७- क्या ग्राम पंचायत में नियुक्त सफाई कर्मी सफाई कार्य करता है या फिर किसी नेता या अधिकारी के यहां सेवा दे रहा है ? 
८- क्या राजस्व सन्हिता में दी गई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम राजस्व समिति का गठन किया गया है ?
९- क्या प्रत्येक ग्राम में राशन की निगरानी हेतु सतर्कता समिति गठित की गई है?
१०-  महिला प्रतिनिधियों के स्थान पर उनके निकट सम्बन्धी तो कार्य नहीं कर रहे हैं।
११- जिस अनुपात में महिला प्रतिनिधि चुने जाते हैं,उस अनुपात में महिला अधिकारियों व कार्मिकों की नियुक्ति की गई है।
१२- रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के अंतर्गत प्रतिवर्ष कितने लोगों को सौ दिन रोजगार मिला ?
१३-जब संसद व विधानसभा की कार्यवाही आम जनता देख सकती है तो ग्राम पंचायत की कार्यवाही आम जनता क्यो नही देख सकती।
१४- ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं व विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ब्लाक की है ,ब्लाक की स्थिति देखें :-
* ब्लाक में खन्ड विकास अधिकारी नहीं।
* ब्लाक में सहायक विकास अधिकारी नहीं।
*ब्लाक में अवर अभियंता नहीं।
* ब्लाक में प्रधान लिपिक नहीं।
* ब्लाक में आन्किक सहित अन्य लिपिक नहीं।
* ब्लाक में कर्मचारियों को बने आवास खन्डहर हो गये।
१५- अब तहसील ईकाई की स्थिति देखें :-
* तहसीलदार के पद रिक्त।
* नायब तहसीलदार के पद रिक्त।
* राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के पद बड़ी
 संख्या में रिक्त।
और सबसे महत्वपूर्ण बिंदु : 
# दोषपूर्ण चुनाव व्यवस्था व दूषित मतदाता सूची के कारण अधिकांश पंचायते नगरों में निवास करने वाले व्यक्तियों के नियंत्रण में रहती हैं।

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हम कैसे मान लें कि पंचायत राज व्यवस्था सुदृढ़ है।
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फिर भी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
अध्यक्ष/संस्थापक: जन दृष्टि ( व्यवस्था सुधार मिशन )
१०१ विधि आश्रम, गली क्रमांक - एक, शिवपुरम
 बदायूं, उ0प्र0 - २४३६०१
मोबाइल: ९५३६१६२४२४

Friday, 9 April 2021

दूषित मतदाता सूची से सम्भव नहीं है पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव।

विधानसभा व पंचायतों की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में बड़ा अंतर जांच का विषय।
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नगर निकायों के चुनाव में असफल या पसंदीदा पार्टी से टिकट पाने से वंचित प्रत्याशियों के पंचायत चुनाव लडने पर रोक क्यो नहीं?
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पंचायतों के वास्तविक निवासियों को ही हो चुनाव लड़ने का अधिकार, कृत्रिम निवासियों के चुनाव लड़ने पर लगे रोक।
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भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्मित मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और दोषरहित कहा जा सकता है क्योंकि वह फोटोयुक्त है, आधार कार्ड से लिंक है, ऑनलाइन है, प्रत्येक मतदाता को पहचान पत्र निर्गत किया गया है।

भारत निर्वाचन आयोग ने अनेक बार राज्यों से आग्रह भी किया है कि वे पंचायत चुनाव और स्थानीय निकाय के चुनाव उसकी मतदाता सूची से करावें, जिससे भारी धन का व्यय रुकेगा। किन्तु राज्य तैयार नहीं हुए।

व्यहारत: उत्तर प्रदेश की भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में अंकित मतदाताओं की संख्या व राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा निर्मित ग्राम पंचायतों व नगर निकायों(नगर पंचायत/नगरपालिका परिषद/नगर निगम)  की मतदाता सूची में अंकित मतदाताओं की संख्या बराबर होनी चाहिए। किन्तु ऐसा नहीं है ।

राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा ग्राम पंचायतों की जो मतदाता सूची तैयार की गई है उसमें ऐसे अनेक मतदाताओं के नाम सम्मिलित हैं जो नगर निकायों की मतदाता सूची में भी सम्मिलित हैं, अनेक मतदाताओं के नाम एक से अधिक ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची में अंकित है,अवयस्कों के नाम भी सम्मिलित हैं।

यही स्थिति नगर निकायों की मतदाता सूची की भी है, उसमें अनेक ऐसे मतदाताओं के नाम अंकित है, जो किसी न किसी ग्राम पंचायत के मतदाता हैं।

 इस प्रकार देखा जाए तो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्मित मतदाता सूची में अंकित उत्तर प्रदेश के समस्त मतदाताओं की संख्या से राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा निर्मित ग्राम पंचायतों व नगर निकायों की मतदाता सूची में लगभग तीस प्रतिशत मतदाता अधिक हैं।

सबसे चौकाने वाली बात यह है कि हम एक देश एक चुनाव की बात करते हैं, किन्तु कभी यह विचार क्यो नहीं होता है कि पंचायत और नगर निकायों के चुनाव एक साथ कराए जावे। एक साथ चुनाव न कराने के दुष्प्रभाव यह है कि पंचायत चुनाव में असफल प्रत्याशी नगर निकायों के चुनावों में ताल ठोक देते हैं, और नगर निकायों में असफल प्रत्याशी पंचायत चुनाव में भाग्य आजमाते हैं।

वर्तमान पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे प्रत्याशी है जो वर्ष 2017 के नगर निकायों के चुनाव में अपना भाग्य आजमा चुके हैं, जिनके नाम नगर निकायों की मतदाता सूची में अंकित है, जो नगर निकायों के चुनाव में सफल नहीं हो सके अथवा प्रयासों के उपरांत वे पसंदीदा पार्टी का टिकट नहीं पा सके  ।

ऐसे प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने की अनुमति देना सम्पूर्ण चुनाव प्रक्रिया को दूषित बनाता है साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश की स्वायत्तता पर भी प्रश्न चिन्ह खड़े करता है।

पंचायते ऐसे प्रतिनिधियों के हाथों में हो जो वास्तव मे परिवार सहित गांव में ही निवास करते हों, ऐसे व्यक्ति जो परिवार सहित गांव में जीवन व्यतीत नहीं कर सकते, वे भला पंचायतों के हितचिंतक कैसे हो सकते हैं ?

एक देश - एक चुनाव के साथ ही एक चुनाव आयोग और एक मतदाता सूची के मुद्दे पर भी बहस की आवश्यकता है ।

Saturday, 20 March 2021

कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से सरकारी योजनाओं और सेवाओं की निगरानी कराने से स्थापित हो सकेगी गुड गवर्नेंस।

योगी सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर उपलब्धियों के प्रचार हेतु अनेक आयोजन किये जा रहे हैं, ये आयोजन कई दिन तक चलेंगे। 

ये आयोजन दो स्तरों पर हो रहे हैं, एक सरकारी स्तर पर, जिसमे भारी भरकम बजट खर्च किया जा रहा है।

दूसरा संगठन के स्तर पर, जिसमें कार्यकर्ता अपने व्यय पर नागरिकों को सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियां बताएंगे।

उपलब्धियों के सहारे वोट बैंक बढ़ाने की कवायद चल रही है।

चार वर्ष में सरकार द्वारा क्या कोई इस प्रकार का कार्य किया गया है जिससे यह सिद्ध हो कि नागरिकों को सरकारी सेवाएं बिना किसी बाधा के समय बद्ध ढंग से मिले, सरकारी योजनाओं का लाभ भी बिना किसी बाधा के नागरिकों को मिल रहा है अथवा नहीं। सरकारी सेवा प्राप्त करने में व सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में नागरिकों को रिश्वत तो नहीं देनी पड़ रही है।

इस विषय पर सरकार द्वारा कोई कवायद नहीं की गई।

अच्छा तो यह रहे कि सरकार संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निगरानी में लगाती।

यदि थाना, ब्लाक, तहसील, अस्पताल, विकास भवन, कलक्ट्रेट में संगठन की ओर से नागरिक हेल्प डेस्क बनाकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भारी भरकम फौज को तैनात कर दिया जाए , ताकि नागरिकों को सरकारी सेवाएं एवं सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के, बिना रिश्वत दिये, समयबद्ध ढंग से प्राप्त हो सके।

एक माह के लिए प्रयोग के तौर पर इस व्यवस्था को लागू करके देखिए, इस जीरो बजट के कार्यक्रम से इतने बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे जो भारी भरकम बजट खर्च करके नहीं मिलेंगे।

Sunday, 8 November 2020

क्षत्रिय महासभा की तहसील स्तरीय बैठक आयोजित।

क्षत्रिय महासभा की तहसील स्तरीय बैठक आयोजित।
रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थापना कार्य में प्रत्येक व्यक्ति का मिले योगदान।

पंचायत चुनाव में क्षत्रिय प्राधिनिधित्व बढ़ाने पर दिया जोर।

क्षत्रिय महासभा बदायूँ की तहसील बिसौली की तहसील स्तरीय बैठक नत्थूलाल सेवक इण्टर कालेज वजीरगंज में तहसील अध्यक्ष विपिन कुमार सिंह एवं कैलाश सिंह गौर के संयोजन में महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के ट्रस्टी धनपाल सिंह की अध्यक्षता मे आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह बब्बू भैया तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद बदायूँ अध्यक्ष दीपमाला गोयल, क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ सुशील कुमार सिंह , मण्डल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह प्रधान, मण्डल संगठन मंत्री विजय पाल सिंह भदौरिया उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महासभा के सांगठनिक कार्यों की समीक्षा की गई तथा समाज हित में जनपद मुख्यालय पर बहुउद्देश्यीय भवन का निर्माण किये जाने, रानी लक्ष्मीबाई चौक पर प्रतिमा स्थापित करने, पंचायत चुनाव में गरीब सवर्णों को आरक्षण दिये जाने, पंचायतों में क्षत्रिय प्राधिनिधित्व बढ़ाने की योजना बनायी गयी।

मुख्य अतिथि के रूप में विचार व्यक्त करते हुए दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह बब्बू भैया ने कहा कि क्षत्रिय महासभा बदायूँ समाज के शैक्षिक सामाजिक और आर्थिक उन्नयन हेतु  सतत प्रयासरत है।सामाजिक मुद्दों पर महासभा मजबूती के साथ अपना पक्ष रखती है।आपदा काल में भी महासभा ने उल्लेखनीय सेवा व सहायता कार्य किए हैं। जिला मुख्यालय पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित कराने के बाद महासभा मण्डल मुख्यालय बरेली पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित कराने का कार्य कर रही है। जिला मुख्यालय पर रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापना में समाज का पूरा योगदान रहे। वीरांगना चौक को भव्य बनाने हेतु हर सम्भव प्रयास किए जाएंगे।

रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थापना समिति के अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने कहा कि क्षत्रिय महासभा बदायूँ की टीम प्रदेश की सबसे सक्रिय टीम है।बदायूं की टीम ने अनेक उपलब्धि हासिल की है। जिला मुख्यालय पर रानी लक्ष्मीबाई चौक पर रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापना हेतु निर्माण कार्य समाज के सहयोग से आरंभ हो गया है। जनपद भर से आर्थिक सहयोग इस पुण्य कार्य में आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि अध्यक्ष नगरपालिका परिषद बदायूँ दीपमाला गोयल ने कहा कि वीरांगना चौक भव्यतम चौक बनेगा। इस कार्य में नगरपालिका की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंत में पत्रकार व समाजसेवी बलभद्र सिंह की माँ एवं जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार मुन्ने सिंह आँचल के निधन पर सामुहिक श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


कार्यक्रम में क्षत्रिय महासभा के मंडल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, मंडल संगठन मंत्री विजय पाल सिंह भदौरिया, विहिप के सह प्रान्त मंत्री जगपाल सिंह, क्षत्रिय महासभा बदायूँ के जिला संयोजक मुनीश कुमार सिंह, जिला अध्यक्ष राकेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष जगमोहन सिंह , जिला महासचिव वेदपाल सिंह कठेरिया, सैनिक सभा के संरक्षक विजय रतन सिंह, जिला उपाध्यक्ष सैनिक सभा सतेन्द्र पाल सिंह, महिला सभा की जिला अध्यक्ष करुणा सोलंकी,  महासचिव सरिता सिंह, जिला सचिव रजनी सिंह, जिला सचिव व्यापार सभा रिद्ध प्रताप सिंह , जिला सचिव अखिलेश चौहान, जिला अध्यक्ष सैनिक सभा रतन वीर सिंह ने विचार व्यक्त किए ।


कार्यक्रम में सौरभ सिंह, हेमेंद्र प्रताप सिंह, ताले वर सिंह, राघव सिंह, अमित कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, भानु प्रताप सिंह, वीरेंद्र सिंह, अनिल कुमार सिंह, संजीव सिंह, रोहित सिंह, आशीष चौहान, महेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह, राजकुमार सिंह, हरिओम सिंह, मनोज कुमार सिंह, अशोक सिंह, ओमवीर सिंह, संजीव सिंह, सतेंद्र सिंह, शेरबहादुर सिंह, अंकित सिंह, विनोद सिंह आदि उपस्थित रहे। 


कार्यक्रम का सफल संचालन जिला संगठन मंत्री भूराज सिंह राजलायर एवं कवि अखिलेश सिंह ने किया तथा कार्यक्रम संयोजक तहसील अध्यक्ष विपिन कुमार सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।

Monday, 19 October 2020

रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापना हेतु वीरांगना चौक पर हुआ भूमि पूजन।

रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापना हेतु हुआ भूमि पूजन।

वीरांगना चौक पर लगेगी प्रदेश की सबसे भव्य प्रतिमा ।

रानी लक्ष्मीबाई द्वारा सृजित मार्ग पर चलने से होगा नारी सशक्तिकरण।

रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थापना समिति ( सम्बद्ध: क्षत्रिय महासभा बदायूँ ) के तत्वावधान में वीरांगना चौक बदायूँ पर भूमि पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया।   

सर्वप्रथम नगर विकास राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता, सांसद बदायूँ डॉ संघ मित्रा मौर्या, विधायक बिसौली कुशाग्र सागर, जिलाधिकारी बदायूँ कुमार प्रशांत, मुख्य विकास अधिकारी निशा अनंत,  अध्यक्ष नगरपालिका परिषद बदायूँ दीपमाला गोयल ने प्रभु राम व रानी लक्ष्मीबाई के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्पार्चन किया। तदंतर आचार्य प्रताप सिंह द्वारा यज्ञ सम्पन्न कराकर शिला पूजन कराया गया। यज्ञ के पश्चात अतिथि गण द्वारा प्रतिमा स्थल पर आधारशिला रखी गई ।

इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए नगर विकास राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि नवरात्रि पर्व के समय वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापित करने हेतु भूमि पूजन किया गया है। वीरांगना चौक पर रानी लक्ष्मीबाई की ऐसी प्रतिमा स्थापित हो जो उत्तर प्रदेश की सबसे भव्य प्रतिमा हो। वीरांगना चौक पर प्रतिमा स्थापना के पवित्र कार्य में समिति जो भी उनसे अपेक्षा करेगी उसे पूरा करने का भरसक प्रयास करेगे। महापुरुषों के स्मारक निर्मित होने से समाज में चेतना उत्पन्न होती है। 

सांसद बदायूँ डॉ संघ मित्रा मौर्य ने कहा कि वीरांगना वीरांगना चौक रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस ,शौर्य और राष्ट्र भक्ति का प्रेरणा स्थल बनेगा । इस समय सम्पूर्ण विश्व में नारी शक्ति की उपासना चल रही है, ऐसे समय में हम सबको श्रेष्ठ आचरण, नारी के प्रति सम्मान का भाव विकसित करने का संकल्प लेना चाहिए। समस्त नारी शक्ति को रानी लक्ष्मीबाई के गुणों को आत्मसात करने की जरूरत है।आज नारी पृथ्वी से लेकर अम्बर तक हर जगह महत्वपूर्ण भूमिका में है। 

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष भाजपा अशोक भारतीय, विधायक बिसौली कुशाग्र सागर, मुख्य विकास अधिकारी निशा अनंत , डॉ सुशील कुमार सिंह, आलोक सिंह संघर्षी, विजय पाल सिंह भदौरिया, राकेश सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।

यज्ञ आचार्य प्रताप सिंह, रूप किशोर सिंह, नर सिंह द्वारा संपन्न कराया गया।

अंत में प्रतिमा स्थापना समिति के अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन समिति के महासचिव हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने किया।

कार्यक्रम में प्रमुख़ रूप से हरीश शाक्य,विनय कुमार सिंह, रबिन्द्र पाल सिंह,  सत्यवीर सिंह, राजेश्वर सिंह पटेल, अमर सिंह, सतेन्द्रसिंह, मुनेंद्र प्रताप सिंह, अभय प्रताप सिंह, विजय रतन सिंह, रतन वीर सिंह, डाल भगवान सिंह, विनोद गुप्ता, मनोज जौहरी,सुधीर श्रीवास्तव, धीरज सक्सेना, मुनीश कुमार सिंह, जगपाल सिंह, दिनेश सिंह, गिरीश पाल सिंह, करुणा सोलंकी, रजनी सिंह,सीमा चौहान, रानी सिंह पुंडीर, सीमा राठौर, धर्मेंद्र सिंह प्रधान, विपिन कुमार सिंह, राजपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, अवनीश सोलंकी, गोपाली सिंह, वेदपाल सिंह, अखिलेश चौहान, दिनेश सिंह एडवोकेट, सौरभ प्रताप सिंह, कैप्टन राम सिंह, राम प्रताप सिंह, शिशुपाल सिंह, टीकम सिंह, आर्येन्दर पाल सिंह, विष्णु प्रताप सिंह, भवेश प्रताप सिंह, विजयभान सिंह, मनोज कुमार सिंह, अवधेश सिंह, मोहित सिंह, धनपाल सिंह एम एच कादरी, तीर्थेन्द्र पटेल, सरिता चौहान, भूराज सिंह, शेर बहादुर सिंह, षत्वदन शंखधार, जयकिशन लाल शर्मा, सुरेश पाल सिंह, उमेश कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।

Friday, 25 September 2020

क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया।

सर्वग्राही, सर्वस्पर्शी व सर्व स्वीकार्य बने क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता।

रानी लक्ष्मीबाई चौक बदायूं पर शीघ्र स्थापित होगी प्रतिमा।

पंचायत चुनाव में गरीब सवर्णों को मिले दस प्रतिशत आरक्षण।

क्षत्रिय उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओंको रोकने हेतु होगा आंदोलन।


क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर जिला बदायूँ इकाई द्वारा म्याऊ बाजार में कार्यक्रम का आयोजन प्रतिष्ठित व्यवसायी रविंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में युवा समाजसेवी अभय प्रताप सिंह के संयोजन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ सुशील कुमार सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में मण्डल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह प्रधान, मण्डल संगठन मंत्री विजय पाल सिंह भदौरिया उपस्थितरहे।मुख्य वक्ता के रूप में महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम में महासभा के सांगठनिक कार्यों की समीक्षा की गई तथा समाज हित में जनपद मुख्यालय पर बहुउद्देश्यीय भवन का निर्माण किये जाने, रानी लक्ष्मीबाई चौक पर प्रतिमा स्थापित करने, पंचायत चुनाव में गरीब सवर्णों को आरक्षण दिये जाने, क्षत्रिय उत्पीड़न की घटनाओं में कार्यवाही करने हेतु प्रस्ताव पारित किए गए।

मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त करते हुए महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने कहा कि क्षत्रिय महासभा बदायूँ जनपद का सर्वाधिक सक्रिय संगठन है।समाज के शैक्षिक सामाजिक और आर्थिक उन्नयन हेतु महासभा सतत प्रयासरत है।सामाजिक मुद्दों पर महासभा मजबूती के साथ अपना पक्ष रखती है।आपदा काल में भी महासभा ने उल्लेखनीय सेवा व सहायता कार्य किए हैं। जिला मुख्यालय पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित कराने के बाद महासभा मण्डल मुख्यालय बरेली पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित कराने का कार्य कर रही है।जनपद के सभी ब्लॉक, तहसील, नगर में महासभा की इकाई है, जनपद में सक्रिय व समर्पित कार्यकर्ताओं के बल पर महासभा को बड़ी उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं।ऐसे में महासभा के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी औऱ बढ़ गई हैं।सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी समाज में स्वयं को सर्वग्राही, सर्वस्पर्शी व सर्व स्वीकार्य बनाये ताकि समाज का विश्वास संगठन को प्राप्त हो सके।

मुख्य अतिथि के रूप में विचार व्यक्त करते हुए क्षत्रिय महासभा के प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ सुशील कुमार सिंह ने कहा कि क्षत्रिय महासभा बदायूँ की टीम प्रदेश की सबसे सक्रिय टीम है।बदायूं की टीम ने अनेक उपलब्धि हासिल की है।महासभा को जिला मुख्यालय पर बहुउद्देश्यीय क्षत्रिय भवन का निर्माण कार्य करना है, रानी लक्ष्मीबाई चौक पर रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापित करानी है।क्षत्रिय उत्पीड़न की बढ़ती घटनाएं चिन्ता का विषय है।उत्पीड़न रोकने हेतु हमे संघर्ष करने के लिए तैयार रहना चाहिए।क्षत्रिय उत्पीड़न हम स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार द्वारा गरीब सवर्णों को नौकरियों में, शिक्षा में दस प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।क्षत्रिय महासभा की मांग है कि यह आरक्षण पंचायत, स्थानीय निकाय एवं सहकारी संस्थाओं में भी मिलना चाहिए।साथ ही आयु सीमा में भी छूट मिलनी चाहिये।गरीब सवर्ण का प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनाये जाने की व्यवस्था होनी चाहिये तथा प्रमाण पत्र की अवधि तीन वर्ष होनी चाहिए। क्षत्रिय युवा महापुरुषों के जीवन से संबंधित पुस्तकें पड़कर उनकी शिक्षा को अपने जीवन में उतारे तथा समाज का कार्य करने हेतु महासभा के सहयोगी बने।


कार्यक्रम के अंत में महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़ की मां, जिला अध्यक्ष ओमकार सिंह तोमर की मां, जिला महासचिव देवी सिंह देवड़ा के भाई, जिला सचिव दिनेश सिंह एडवोकेट के पिताजी, इस्लामनगर ब्लॉक प्रमुख के इकलौते पुत्र, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गिरीश पाल सिंह के युवा पुत्र तथा अधिवक्ता सभा के पूर्व अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के पिताजी के निधन पर सामुहिक श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


कार्यक्रम में क्षत्रिय महासभा के मंडल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, मंडल संगठन मंत्री विजय पाल सिंह भदौरिया, वरिष्ठ ट्रस्टी धनपाल सिंह, टीकम सिंह, विहिप के सह प्रान्त मंत्री जगपाल सिंह, क्षत्रिय महासभा बदायूँ के संरक्षक राणा प्रताप सिंह ,जिला संयोजक मुनीश कुमार सिंह, जिला अध्यक्ष राकेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष गिरीश पाल सिंह सिशोदिया, जिला महासचिव वेदपाल सिंह कठेरिया, सैनिक सभा के संरक्षक विजय रतन सिंह, जिला उपाध्यक्ष सैनिक सभा सतेन्द्र पाल सिंह, महिला सभा की जिला महासचिव सरिता सिंह, जिला सचिव रजनी सिंह, जिला अध्यक्ष कृषक सभा मनोज कुमार सिंह, जिला अध्यक्ष व्यापार सभा अभिषेक सिंह, तहसील अध्यक्ष बिसौली विपिन कुमार सिंह, तहसील अध्यक्ष सहसवान आर्येन्दर पाल सिंह, तहसील अध्यक्ष दातागंज राजपाल सिंह, नगर अध्यक्ष बदायूँ डाल भगवान सिंह, बलभद्र सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में नगरपालिका परिषद बदायूँ अध्यक्ष दीपमाला सिंह, दातागंज विधायक पुत्र अतेंद्र विक्रम सिंह, राष्ट्रवादी पार्टी के नेता अंकित सिंह पूर्व चेयरमैन उसावां मुन्ना सिंह विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे।


कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मृदुला सिंह, रानी सिंह पुंडीर, जगमोहन सिंह राघव, गोपाली सिंह, राजीव कुमार सिंह, अवनीश कुमार सिंह, भवेश प्रताप सिंह, रामनरेश सिंह, करन प्रताप सिंह, रामबहादुर सिंह, शेर बहादुर सिंह, प्रदीप चौहान, सूर्य प्रताप सिंह, धीरेंद्र कुमार सिंह, संजय सिंह, विमल कुमार सिंह, सुरजीत सिंह, कुलदीप सिंह, मदनपाल सिंह, विवेक चंदेल, करुणेश कुमार सिंह, सौरभ सिंह, श्याम कुमार सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, अशोक तोमर, नरेंद्र पाल सिंह, अमित सिंह, सत्यभान सिंह, आरेश प्रताप सिंह, श्यामबीर सिंह, रामेन्द्र सिंह, दिनेश सिंह, शोभित कुमार सिंह, विष्णु प्रताप सिंह, नारद सिंह, विनय प्रताप सिंह, कृष्ण पाल सिंह आदि उपस्थित रहे। 


कार्यक्रम का सफल संचालन जिला संगठन मंत्री भूराज सिंह राजलायर ने किया तथा कार्यक्रम संयोजक युवा व्यवसायी व समाजसेवी अभय प्रताप सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।