Thursday, 30 July 2020

शस्त्र और शास्त्र में कौन महत्वपूर्ण ?

शस्त्र महत्वपूर्ण है या शास्त्र, हमें प्राथमिकताएं तो तय करनी ही पड़ेगी।

भारत के नागरिकों की प्राथमिकता देखिए :
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 29 जुलाई को देश में दो घटनाएं घटित हुई :

प्रथम :-
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राफेल का भारत में आगमन, हर न्यूज़ चैनल पर राफेल की चर्चा, कौन कौन पायलट राफेल को लेकर आये इसकी चर्चा, और अन्य अनेकानेक चर्चाये।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ ही सोशल मीडिया पर भी राफेल छाया रहा।

द्वितीय :-
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नयी शिक्षा नीति को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई को ही मन्जूरी दी।यह घटना राफेल से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। किन्तु इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर नयी शिक्षा नीति को लेकर कोई क्रिया- प्रतिक्रिया,निन्दा- प्रशन्सा,हर्ष- विषाद कुछ भी व्यक्त नहीं किया गया।
इसके पीछे यह भी कारण हो सकता है कि कई सौ पृष्ठ का अध्ययन कौन करें,या फिर हममें इतनी समझ विकसित नहीं हो पाई है कि हम नयी शिक्षा नीति के इतने भारी भरकम ड्राफ्ट को समझ सके।

# मीडिया को भी दोष नहीं दिया जा सकता है। क्योंकि उसे तो इस देश के नागरिकों का टेस्ट भली-भांति ज्ञात है।

नयी शिक्षा नीति पर नागरिकों का उत्साहित न होना मुझे अच्छा नहीं लगा। प्राथमिकताएं तो निर्धारित करनी पड़ेगी कि हम शस्त्र और शास्त्र में से किसे महत्व देते हैं। स्मरण रहे कि अनेक प्राचीन, मध्ययुगीन व आधुनिक विद्वानों ने शास्त्रों को ही श्रेष्ठ माना है।

हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424

Saturday, 18 July 2020

शहरवासियों जागो !!

बदायूं शहरवासियों अब तो जागो :
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#  शहर के सब नाले बेंच दिये गये, आप मौन रहे। परिणाम स्वरूप शहर जलभराव की समस्या से ग्रस्त हो गया।

# भूमिगत विद्युतीकरण हुआ,केबिल एक फिट-डेढ़ फिट गहराई में डाल दिया गया, सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए। परिणाम स्वरूप शहर भविष्य में कभी भी श्मसान बन जायेगा।

# शहर के अति व्यस्ततम व घनी आबादी वाले क्षेत्र में सी एन जी पम्प बनाने की अनुमति दे दी। सी एन जी अति ज्वलनशील है, शहर भविष्य में कभी भी भीषण अग्नि त्रासदी के लिए तैयार रहे।

शासन और प्रशासन में बैठे लोग आपके हितों का नहीं बल्कि अपने निजी हितों का ध्यान रखते हैं।

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ऊपर दिए गए तीनों विषयों पर आवाज उठाई गई। लेकिन शासन और प्रशासन मौन रहा।
अब आपके मौन तोड़ने का समय आ गया है।

यदि इन मुद्दों पर आपमें आवाज उठाने का साहस है, तो सम्पर्क करें : 

हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424
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।।रिश्वत देना पाप है रिश्वत लेना महापाप है।।
।शिक्षा और चिकित्सा निजी हाथों से मुक्त हो।
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Friday, 17 July 2020

समस्या समाधान का नया फार्मूला- प्राण दांव पर लगाइये,तभी जागेगा शासन और प्रशासन।

नागरिक हितों की अनदेखी है 17 जुलाई 2020 को लोक भवन के सामने घटित घटना।

हर जनपद मेंं बढ़ी संख्या में है ऐसे पीड़ित नागरिक।

जन शिकायत निवारण तंत्र का पूरी तरह अभाव है। जो तन्त्र बनाया भी गया उसे भ्रष्ट तत्वों ने दुर्बल कर दिया तथा बाबुओं के हाथ में सौंप दिया। अधिकांश विभागों में तो शिकायत निस्तारण का प्रारूप बना लिया गया है और उन्हें पहले से ही पता रहता है कि क्या आख्या देनी है।

जन शिकायतों के प्रति उच्च अधिकारी गम्भीर नहीं रहते हैं। च्च्

निचले स्तर पर नागरिकों की समस्या का समाधान नहीं होता है बल्कि आर्थिक शोषण अवश्य हो जाता है और वह भी दोनों ही पक्ष का ......।

तब थक हार कर साहस जुटाकर नागरिक अपनी शिकायत लेकर उच्च अधिकारियों के पास जाता है।जिस अधिकारी से मिलने की आस लेकर गया है, आवश्यक नहीं कि वह अधिकारी उसे मिल ही जाये।

यदि सौभाग्य से मिल भी गया तो वह उच्च अधिकारी अपने अधीनस्थ को आदेशित करता है ( यह वही अधीनस्थ होता है जिसके द्वारा नागरिक की शिकायत पर कोई रुचि नहीं दिखाई गई )
 आदेश देखें -
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# आवश्यक कार्यवाही करें।
# उचित कार्यवाही करें।
# यथोचित कार्यवाही करें।

"आवश्यक"  "उचित"  और "यथोचित"  क्या है? , इसका ही ज्ञान उस आदेश कर्ता अधिकारी को भी नहीं है। यदि ज्ञान होता तो वह स्पष्ट आदेश पारित करता।ऐसी स्थिति में यह कैसे मान लिया जाए कि अधीनस्थ अधिकारी को "आवश्यक" "उचित" और "यथोचित" कार्यवाही का ज्ञान होगा।


"आवश्यक" "उचित" और "यथोचित" कार्यवाही के आदेश के साथ शिकायत पत्र उसी अधीनस्थ अधिकारी के पास पहुंचता है, जिसने ज्ञात अज्ञात कारणों से शिकायत के निस्तारण में रुचि नहीं दिखाई।

वह अधीनस्थ अधिकारी शिकायत कर्ता को डांटता है, अभद्रता करता है, उच्च अधिकारी जिसके द्वारा "आवश्यक" "उचित" और "यथोचित" कार्यवाही का आदेश दिया गया है, उसके सम्मान में भी कुछ कहता है।

अन्तत: शिकायतकर्ता थक हार कर अपने भाग्य-दुर्भाग्य व व्यवस्था को कोसता हुआ निराश और हताश होकर घर बैठ जाता है।

आदेश कर्ता अधिकारी को भी अपने द्वारा "आवश्यक" "उचित" और "यथोचित" कार्यवाही के आदेशों की मानीटरिग करने की फुर्सत नहीं है।

यही कार्य प्रणाली ऐसी शर्मनाक घटनाओं को जन्म देती है जो 17 जुलाई 2020 को लोक भवन के सामने लखनऊ में घटित हुई।

हर जनपद में ऐसी समस्याओं का अम्बार लगा हुआ है। लेकिन दृष्टि होते हुए भी ये समस्याए दिखाई नहीं देती है।या जानबूझकर हम ऐसी समस्याओं की ओर दृष्टि ही नहीं डालते।



Thursday, 16 July 2020

बनेगा विश्व गुरु कैसे बताओं अपना हिन्दुस्तान ?

मित्रो ! ये कैसी विडम्बना है कि सभी बे-ईमान अफ़सर, विज़नेश मैन, अभिनेतागण, राजनेतागण अथवा अन्यान्य बेईमान अपने निजी नौकर-ड्राइवर, सर्वथा पाक-साफ़ और ईमानदार ही चाहते हैं । बस यही एक सच, इस रचना का सूत्रधार है ।

 देश  के  सारे  बे - ईमान, चाहते  "नौकर"  बा-ईमान
         बनेगा  विश्वगुरू  कैसे,  बताओ  अपना  हिंदुस्तान ?

अपच  की  बीमारी से  दूर, अधिकतर नेता  बादस्तूर
माँगते  खुलेआम  उत्कोच, न करते  रत्तीभर  संकोच 
काम जिस स्तर का होता, उसी अनुसार खोलते चोंच
बनाते  हैं  जब  ये  क़ानून, छोड़  देते  हैं उसमें  लोच 
सियासत ही इनका व्यवसाय,इसी से खूब हो रही आय
अदालत, ई. डी. ,इन्कमटैक्स, सामने इनके हैं निरुपाय
जानता  है  हर  इक  इंसान, हो  रहे  कैसे  ये धनवान 
        बनेगा   विश्वगुरू  कैसे,  बताओ  अपना  हिंदुस्तान ?

गिनायें किस-किसकी करतूत,आचरण इनके स्वतः सुबूत
घूस के  रोज़  बढ़ाते रेट, न  भरता फिर भी जिनका पेट
वही  सरकारी  बाबू  लोग , कहें   रिश्वत  को " पेपरवेट "
शहीदों  ने  जो  देखे  स्वप्न , कर  रहे  उनको  मटियामेट 
हाज़िरी की लेते तनख़्वाह , काम के एवज़ धन की चाह
इन्हें  जन्नत  या  दोज़ख़ की, नहीं है किंचित भी परवाह
भले  हों  चपरासी - दरबान, सभी निष्ठुरता की पहचान
      बनेगा   विश्वगुरू  कैसे ,  बताओ  अपना   हिंदुस्तान ?

आप  क्या कर  लेंगे  मोदी ?और क्या कर  लेंगे  योगी??
भेजते आप हमें जो चीज़, वो हम तक आते जाती छीज
बात  जनता से करने की, किसी अफ़सर को नहीं तमीज़ 
और हर एक कलक्टर की,सिर्फ़ दिखती है धवल कमीज़
हाल  ये  हर  दफ़्तर  का है, हाल  ये  हर  अफ़सर का है
राजनेताओं   का  आदेश ,  इन्हें   लगता   ईश्वर  का   है 
भटकते  फिरते   दीन  किसान  मगर  ये  सारे  बे-ईमान
सुरक्षित  "फ्यूचर"  निधि वाले, दिखाई  पड़ते  हैं  हैवान
     बनेगा  विश्वगुरू   कैसे  ,  बताओ  अपना   हिंदुस्तान ?

                                                       ■ टिल्लन वर्मा

Wednesday, 15 July 2020

ऊपर नीचे हो रही सूचकांक की चाल।

दोहे
+++
राजनीति में हो रहे प्रति- पल नये प्रपंच।
सच्चाई को फिर मिले कैसे कोई मंच?

जटिल समस्या हो गई,कैसे हो उपचार?
लोकतंत्र की धज्जियाँ उड़ा रही सरकार।।

कल तक जिनसे बैर था,आज उन्हीं से मेल।
इसको ही कहते यहाँ राजनीति का खेल।।

महँगाई की मार से जनता है बदहाल।
ऊपर-नीचे हो रही सूचकांक की चाल।।

इतना ऊँचा हो गया महँगाई का ग्राफ।
मध्यम श्रेणी व्यक्ति की ज़ेब हो गई साफ।।

गोदामों में क़ैद है सेठों के सब माल।
जानबूझकर बुन रहे महँगाई का जाल।।

पाँच सितारा होटलों में होती है शाम।
रूप-सुधा के पी रहे,मंत्री जी अब जाम।।

जनता की चिन्ता किसे?हो कोई सरकार।
जनसेवा के नाम पर करते सब व्यापार।।

धनी और भी हो रहे यहाँ और धनवान।
निर्धन की तो खो गई बची-खुची पहचान।।

मत पूछो अब किस तरह पेट रहे हैं पाल।
सब कुछ महँगा हो गया ,सब्ज़ी,आटा-दाल।।

                      # कुमार आशीष(एड.)
                              बदायूँ (उ.प्र.)

Saturday, 11 July 2020

सूचना के अधिकार से करें भ्रष्टाचार पर प्रहार।

सूचना के अधिकार से करें भ्रष्टाचार पर प्रहार ।

प्रतिमाह चार सूचनाएं अवश्य मांगे।

गत चार माह में उठाए गए लोकहित के विषयों पर कार्यवाही की प्रगति जानने हेतु मांगे सूचना।

जनता से दूरी बनाने हेतु अधिकांश विभागों ने अधिकृत व सार्वजनिक ईमेल आईडी की निष्क्रिय, मुख्यमंत्री से की जाएगी शिकायत।

भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के तत्वावधान में आनलाइन सूचना कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन गूगल मीट एप के माध्यम से किया गया।

इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के मुख्य प्रवर्तक हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने कहा कि सूचना का अधिकार अत्यन्त महत्वपूर्ण अधिकार है। हालांकि भ्रष्ट तत्वों के द्वारा इसे निष्प्रभावी बनाने हेतु निरन्तर उपाय किए जा रहे हैं। सूचना कार्यकर्ता सूचना के अधिकार का निरन्तर प्रयोग करके भ्रष्टाचार पर प्रहार करते रहे।गत चार माह में आपदाकाल में भी सूचना कार्यकर्ता अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे, उनके द्वारा स्वास्थ्य विभाग व पन्चायत राज विभाग में अनियमितताओं के विरुद्ध आवाज उठाई गई,लाकडाउन में फीस माफ करने, गेहूं खरीद में घोटाला व साक्षर भारत मिशन घोटाले में भी कार्यवाही हेतु आवाज उठाई गई।इन लोक महत्व के विषयों पर हुई कार्यवाही की जानकारी हेतु सभी सूचना कार्यकर्ता इस माह में सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन करें।

श्री राठोड़ ने कहा कि सभी विभागों की बेबसाइट पर ईमेल आईडी सार्वजनिक की गई है साथ ही शासन द्वारा ई डाइरेक्ट्री भी जारी की गई है। किन्तु अधिकांश विभागों द्वारा अधिकृत व सार्वजनिक ईमेल आईडी को जानबूझकर निष्क्रिय कर दिया गया है ताकि नागरिक अपनी आवाज उन तक न पहुंच  सके। व्यक्तिगत ईमेल आईडी से विभागीय कार्य किए जा रहे हैं। कुछ विभागों के ट्विटर अकाउंट भी निष्क्रिय है। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को सभी सूचना कार्यकर्ता पत्र प्रेषित करके, सभी विभागों की अधिकृत व बेबसाइट पर सार्वजनिक ईमेल आईडी को सक्रिय करने, विभागीय ट्विटर अकाउंट को सक्रिय करने तथा विभागाध्यक्षों की व्यक्तिगत ईमेल आईडी को सार्वजनिक किए जाने की मांग करेंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डाल भगवान सिंह,एम एल गुप्ता, डॉ राम रतन सिंह पटेल,कैप्टन राम सिंह, रामगोपाल, अखिलेश सिंह,एम एच कादरी,अभय माहेश्वरी,असद अहमद,सी एल वर्मा, राम-लखन, अखिलेश सोलंकी, सतेन्द्र सिंह, नारद सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, देवेन्द्र शाक्य, कृष्ण गोपाल,भानु प्रताप सिंह चौहान,समीरुद्दीन एडवोकेट, कुलदीप सक्सेना, भुवनेश कुमार,आर्येन्द्र पाल सिंह, महेश चंद्र, वीरपाल सुमित कुमार, विपिन कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।

Monday, 6 July 2020

सूचना कार्यकर्ता महासम्मान 2020 हेतु 10 सितम्बर तक करें आवेदन।

प्रान्तीय सूचना कार्यकर्ता महासम्मान 2020
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# आवेदन हेतु अन्तिम तिथि 10 सितम्बर 2020 

# पात्रता : 
१- उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हों।
२- लोक कल्याण के विषयों पर सूचना प्राप्ति हेतु वर्ष में कम से कम पचास आवेदन किए हों।
३- आपराधिक इतिहास न हो।

# सूचना अधिकार दिवस के अवसर पर दिनांक 12 अक्टूबर 2020 को जिला मुख्यालय बदायूं पर आयोजित होने वाले तृतीय सूचना कार्यकर्ता सम्मेलन में सम्मान प्रदान किए जायेंगे।

# आवेदक अधिकतम तीन सौ शब्दों मेंं अपने उत्कृष्ट कार्य का विवरण, फोटो ग्राफ्स, समाचार पत्र की कतरनें, सूचना प्राप्ति हेतु किए गए आवेदनों की छाया प्रतियों सहित प्रेषित करें।

प्रदेश के सभी सम्मानित सुचना कार्यकर्त्ताओं से अनुरोध है कि सम्मेलन में भागीदारी सुनिश्चित करें साथ ही इस सन्देश को अपने सुपरिचित सुचना कार्यकर्त्ताओं को भी प्रेषित करें।

आवेदन ईमेल के माध्यम से भी ईमेल आईडी haripratapsingh@live.com पर प्रेषित कर सकते हैं।

कार्यक्रम का विस्तृत विवरण अलग से प्रेषित किया जायेगा।

सम्पर्क :-
हरि प्रताप सिंह राठोड़
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424

कार्यालय का पता :-
101 विधि आश्रम
गली क्रमांक -एक,शिवपुरम,
बदायूं (उत्तर प्रदेश) 243601