राजनीति के भ्रष्ट तंत्र से,
हमें बचाओ बाबा जी ।
कुछ तो रब ने उठा लिए तुम,
हमें उठाओ बाबा जी ।।
नौकर नेता हीरो हैं सब,
जनता तेरी जीरो है।
दिन दूनी औ रात चौगुनी,
करे तरक्की की हीरो है।।
लोकतंत्र का मंत्र यही है,
हमें बताओ बाबा जी।
कुछ तो रब ने उठा लिए तुम,
हमें उठाओ बाबा जी ।।
हम बेचारे बिना सहारे
लॉकडाउन के मारे हैं।
हम ही जाने बिना काम के,
कैसे समय गुजारे हैं।।
भूखे बच्चे बिलख रहे अब।
काम दिलाओ बाबा जी।
कुछ तो रब ने उठा लिए तुम,
हमें उठाओ बाबा जी ।।
मार्च माह से जून माह तक,
बिजली का बिल भिजवाया।
चार माह की रीडिंग का बिल,
बस एक माह में चढ़वाया।।
कैसे इसे चुकाएंगे हम,
रहम दिखाओ बाबा जी।
कुछ तो प्रभु ने उठा लिए तुम।
हमें उठाओ बाबा जी।
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