Monday, 8 June 2020

शिक्षक भर्ती में क्यो आते हैं विघ्न।

शिक्षक भर्ती घोटाला .......
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कहीं निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने के लिए ही तो नहीं हो रहा है यह सब .......

क्योंकि अधिकांश निजी शिक्षण संस्थानों के स्वामी/ सन्चालक राजनेता, नौकरशाह व उद्योगपति हैं।

ये तीनों राजकीय व अनुदानित विद्यालयों के हितैषी कदापि नहीं है।

और ये तीनों नीति निर्धारण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसी कारण नियुक्तियां की नहीं जाती है, और यदि की जाती है तो उनमें जानबूझकर ऐसी खामियां पैदा कर दी जाती है ताकि विघ्न आते रहे और नियुक्तियां हों ही न पाए।

इसी कारण :- 

प्राथमिक विद्यालयों में कक्षावार शिक्षक नहीं।

उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विषयवार शिक्षक नहीं, प्रधानाध्यापक भी नहीं।

राजकीय व अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में भी विषयवार शिक्षक नहीं।

राजकीय व अनुदानित महाविद्यालयों में भी विषयवार शिक्षक नहीं।

इस कारण नागरिक निशुल्क/सस्ती व गुणवत्तायुक्त शिक्षा से वन्चित हो जाते है।

तथा निजी शिक्षण संस्थानों में अपने पाल्य का एडमिशन कराने को विवश होते हैं।

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