Friday, 8 May 2020

देशभर में उत्साह के साथ मनाई जायेगी महाराणा प्रताप जयंती।

आनलाइन बैठक मेंं महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम की योजना को दिया अंतिम रूप।

जनपद के पचास हजार से अधिक परिवारों मेंं त्योहार की तरह मनायी जायेगी महाराणा प्रताप जयंती।

बदायूं माडल पर ही पूरे देश में घर घर में मनेगी जयंती।

जनसम्पर्क अभियान मेंं जुटे सभी पदाधिकारी।

महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम की कार्ययोजना तैयार करने हेतु महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट एवं क्षत्रिय महासभा बदायूं की नियमित आनलाइन बैठके आयोजित की जा रही है। बैठक में सभी ब्लाक अध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष, सभी प्रकोष्ठों के जिला अध्यक्ष, क्षत्रिय महासभा बदायूं के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, जनपद में निवास कर रहे मन्डल व प्रदेश के पदाधिकारी, मार्ग दर्शक मन्डल एवं संरक्षक मंडल के सदस्य भागीदारी कर रहे हैं तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जनसम्पर्क अभियान में रात दिन जुटे हुए हैं।

महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने बताया कि वर्तमान वैश्विक आपदा के दृष्टिगत लाकडाउन का पालन करते हुए घरों में ही महाराणा प्रताप जयंती मनाने की योजना पर वृहद स्तर पर कार्य चल रहा है। जनपद के पचास हजार परिवारों में जयंती के कार्यक्रम आयोजित कराने का लक्ष्य निर्धारित है।लक्ष्य की प्राप्ति हेतु प्रत्येक ब्लाक, तहसील एवं जिला स्तर पर  प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। सभी प्रभारी नियमित रूप से पदाधिकारियों व कार्यकर्त्ताओं से सम्वाद बनाये हुए हैं। बदायूं माडल पर ही पूरे देश में जयंती के कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे।

क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश के कोषाध्यक्ष डॉ सुशील कुमार सिंह ने बताया कि नौ मई को दिन में ग्यारह बजे महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण/पुष्पार्चन कर पूजन किया जायेगा। साढ़े ग्यारह बजे आनलाइन सभा का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें सदस्य विधान परिषद डॉ जयपाल सिंह व्यस्त, विधायक राजीव कुमार सिंह "बब्बू भैया"सहित कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का समाज को मार्ग दर्शन प्राप्त होगा। सायंकाल सात बजे हर घर में दरवाजे पर पांच दीपक जलाकर महाराणा प्रताप के प्रति आस्था प्रदर्शित की जाएगी। तदन्तर रात्रि में आनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता जरूरतमंदों को खाद्यान्न सामग्री से युक्त महाराणा प्रताप किट वितरित करेंगे।

क्षत्रिय महासभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि नौ मई को ही महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन पर आधारित चित्र प्रतियोगिता व निबंध प्रतियोगिता के परिणाम भी घोषित किए जायेंगे।स्थिति सामान्य होने पर समारोह का आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रतिवर्ष की भांति भामाशाह सम्मान, हाकिम खान सूरी सम्मान व प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं, चित्र प्रतियोगिता व निबंध प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

क्षत्रिय महासभा बदायूं के जिला संयोजक मुनीश कुमार  सिंह ने बताया कि इस वर्ष महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन पर आधारित एक काव्य संग्रह भी प्रकाशित किया जा रहा है।अब तक देश के आधे से अधिक राज्यों के ख्यातिलब्ध साहित्यकारों की रचनाएं प्राप्त हो चुकी है। काव्य संग्रह का विमोचन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के करकमलों द्वारा कराया जायेगा।

क्षत्रिय महासभा बदायूं के जिला अध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर समस्त जनप्रतिनिधियों तथा सामर्थ्यवान नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे जरूरतमंदों को खाद्यान्न सामग्री से युक्त महाराणा प्रताप किट का वितरण करें।इस आग्रह को स्वीकार भी किया गया है। जनपद भर में बड़  संख्या में जरूरतमंदों को महाराणा प्रताप किट का वितरण किया जाएगा। प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने सभी प्रधानों से तथा बीडीसी महासंघ के जिला अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों से महाराणा प्रताप किट वितरित किए जाने का आग्रह किया है।

जिला महासचिव वेदपाल सिंह कठेरिया ने बताया कि जिला सचिव अखिलेश सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह एवं दिनेश सिंह एडवोकेट जनसामान्य को महाराणा प्रताप के चित्र उपलब्ध करा रहे हैं। तहसील सहसवान में जिला उपाध्यक्ष शिशुपाल सिंह एवं तहसील अध्यक्ष आर्येन्द्र पाल सिंह द्वारा चित्र वितरित किए गए।बिल्सी तहसील में अखिलेश सोलंकी,भानुप्रताप सिंह व अनिरूद्ध सिंह द्वारा चित्र वितरित किए जाने का कार्य किया जा रहा है। बिसौली तहसील में सुखवीर सिंह भदौरिया, विपिन कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह,आराम सिंह द्वारा, दातागंज तहसील में राजपाल सिंह, राजीव कुमार सिंह, रवेन्द्र सिंह  व अभय प्रताप सिंह द्वारा तो बदायूं तहसील में अवधेश सिंह राठोड़,डालभगवान सिंह, धीरजपाल सिंह राणा,देवी सिंह देवड़ा द्वारा चित्र वितरण का कार्य चल रहा है। कुछ गांवों में हर घर में जयंती के कार्यक्रम मनाने की भी योजना बनाई गई है।

Thursday, 7 May 2020

भगवान बुद्ध के बताये मार्ग पर चलें।


मन वाणी कर्म और शरीर से किसी को हानि न पहुंचाना, बिना दी हुई वस्तु को न लेना,व्यभिचार न करना,मिथ्याचार न करना तथा किसी प्रकार का नशा न करना जैसे पन्चशील एवं सम्यक दृष्टि,सन्कल्प, वाणी,कर्म, आजीविका,व्यायाम, स्मृति और समाधि जैसा अष्टान्गिक मार्ग बताने वाले इच्छ्वाकु वन्शीय राजा शुद्धोधन के पुत्र भगवान विष्णु के अवतार भगवान बुद्ध की जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं।।

इस शुभ अवसर पर भगवान बुद्ध के बताये गये मार्गों में से किसी एक मार्ग को अपनाने का सन्कल्प अवश्य लें।

Wednesday, 6 May 2020

09 मई 2020 ( महाराणा प्रताप जयंती)

        09 मई 2020
।। महाराणा प्रताप जयंती ।।

# दिन में ग्यारह बजे महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प/माला आदि अर्पित कर विधि अनुसार पूजन करें।

# सायं सात बजे घी/सरसों के तेल के पांच दीपक घर के मुख्य द्वार पर जलाये।

# दिन में खाद्य सामग्री यथा आटा, चावल, दाल, आलू, मसाले, तेल आदि की 'महाराणा प्रताप किट" बनाकर अपनी सामर्थ्य अनुसार एक, पांच,ग्यारह,पच्चीस,पचास की संख्या में जरूरतमंदों को वितरित करें। 

# आनलाइन गोष्ठी/ कवि सम्मेलन में भागीदारी सुनिश्चित करें।

महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट
क्षत्रिय महासभा बदायूं
9536162424

Sunday, 3 May 2020

पत्रकारिता स्वतन्त्रता दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं।

विश्व पत्रकारिता स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर पत्रकारिता जगत से जुड़े सभी महानुभावों को हार्दिक शुभकामनाएं।

हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424

चिकित्सा और शिक्षा विभाग को रक्षा मंत्रालय के अधीन कर किया जाये जैविक सेना का गठन।

जैविक सेना के गठन का समय।

भारत चीन युद्ध में मूलभूत सन्शाधनो के अभाव में भी वीरता के साथ भारतीय सेना ने अपने आत्म विश्वास के बल पर लड़ाई लड़ी।तब से सेना को मूलभूत सन्शाधन प्रदान करने के साथ ही दुनिया की एक महत्वपूर्ण सैन्य शक्ति बनाने के प्रयास निरंतर चल रहे हैं।

किन्तु समय के साथ युद्ध की शैली भी बदल रही हैं। चीन ने इस समय पूरी दुनिया को जैविक युद्ध में धकेल दिया है। जैविक युद्ध से निपटने हेतु जैविक सेना किसी भी देश में नहीं है।उसका एक ही विकल्प निकाला गया कि घर में रहें,दूरी बनाए रखें।

इस जैविक युद्ध के समय स्वास्थ्य कर्मी जैविक सेना के सैनिकों के रूप में युद्ध लड़ रहे हैं।इन सैनिकों के पास भी मूलभूत सन्शाधन उपलब्ध नहीं है, यहां तक कि मास्क नहीं है,पी पी ए किट भी नहीं है, सेनिटाइजर का भी अभाव है। जनसंख्या की दृष्टि से दुनिया का सबसे बड़े देश के चिकित्सा तंत्र का आकलन भी इस जैविक युद्ध में हो गया है।

वर्तमान में हर देश में थल,जल और वायु तीन प्रकार की सेनाये हैं।अब हर देश को चौथी सेना जैविक सेना बनानी पड़ेगी। जैविक सेना के दो महत्वपूर्ण अंग हो सकते हैं, चिकित्सा और शिक्षा विभाग।इन दोनों विभागों को रक्षा मंत्रालय के अधीन लाकर एक जैविक सेना अध्यक्ष की नियुक्ति की जानी चाहिए।

जैविक सेना की अग्रिम चौकियों के रूप में गांव गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय, आंगनवाड़ी केन्द्र कार्य करेंगे।इन चौकियों को सुदृढ़ करने के लिए इन्हें सन्शाधन उपलब्ध कराने पड़ेंगे तथा पाठ्यक्रम में भी बदलाव करने पड़ेंगे ताकि नागरिक जैविक युद्ध के समय भी बिना किसी चिन्ता के जीवन जी सकें।

तत्पश्चात प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और माध्यमिक विद्यालयों को भी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर सुदृढ़ करना पड़ेगा। जनपद स्तर पर स्थापित चिकित्सालयों के भी मानक पूरे कर,वेन्टीलेटर की सुविधा उपलब्ध करानी पड़ेगी। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि अनेक जिला चिकित्सालय वेन्टीलेटर की सुविधा से वन्चित हैं। जनपदों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, किन्तु चिकित्सकों के व अन्य प्रशिक्षित चिकित्सा कार्मिकों के अभाव में नागरिक लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं।

इसलिए भविष्य में युद्ध के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार जैविक सेना के गठन के प्रयास आरंभ करें ताकि देशवासियों को वर्तमान परिस्थिति का फिर सामना न करना पड़े।







Saturday, 2 May 2020

महाराणा प्रताप जयंती घर में ही मनाये देशवासी।

सभी देशवासी घर में ही त्योहार की तरह मनाये महाराणा प्रताप जयंती।

महाराणा प्रताप जयंती मनाने की विधि :
( यह मैसेज अपने हर परिचित व सम्बन्धी को प्रेषित करें। महाराणा प्रताप के चित्र को व्हाटस एप पर डीपी के रूप में तथा फेशबुक पर प्रोफाइल पिक्चर के रूप में प्रयोग करें। )

आवश्यक सामग्री
१- महाराणा प्रताप का एक चित्र।
२-एक स्टूल या मेज।
३- एक मेजपोश या स्टूल/मेज पर विछाने हेतु स्वच्छ कपड़ा।
४- पुष्प/पुष्प माला।
५- एक दीपक।
६- रुई की बत्ती।
७- देशी घी/ सरसों का तेल।
८- माचिस।
९- रोली।
१०- अक्षत/चावल।
११- धूपबत्ती/अगरबत्ती।
१२- पांच दीपक मिट्टी या आटा के।

09-05-2020 को दोपहर 11:00 बजे महाराणा प्रताप जयंती इस प्रकार मनाये :-
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उपरोक्तानुसार सामग्री एकत्र कर लें। 
(यदि चित्र उपलब्ध नहीं है तो किसी भी इन्टरनेट कैफे से प्रिन्ट निकलवा लें।)
सर्वप्रथम एक स्वच्छ स्थान पर स्टूल/मेज डाले तथा उस पर मेजपोश/कपड़ा विछावे। फिर उस पर महाराणा प्रताप का चित्र स्थापित करें। चित्र पर रोली चावल से तिलक करें, पुष्प/पुष्प माला अर्पित करें, धूपबत्ती/अगरबत्ती जलाएं, फिर एक दीपक जलाकर महाराणा प्रताप को प्रणाम करें तथा उनके गुणों को जीवन में उतारने का संकल्प ले।

सायंकाल सात बजे :-
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सभी परिजनों के साथ घी अथवा सरसों के तेल के पांच दीपक अपने घर के दरवाजे पर जलाये।

विशेष :- १-उपरोक्त दोनों कार्यक्रमों में स्वच्छता का ध्यान रखें,स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
२- महाराणा प्रताप के जीवन से सम्बन्धित पुस्तकें पढ़ें। पुस्तक उपलब्ध न होने पर गूगल का सहारा लें।
३- नई पीढ़ी को महाराणा प्रताप की जीवनी पढ़ने हेतु प्रेरित करें।

निवेदक :
हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
अध्यक्ष
महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट
101 विधि आश्रम, गली क्रमांक एक,
शिवपुरम,बदायूं, उत्तर प्रदेश (243601)
सम्पर्क : 9536162424

Friday, 1 May 2020

मनरेगा की विफलता

श्रमिक दिवस पर विशेष :
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निवास स्थान पर ही वर्ष में सौ दिन काम देने की गारंटी देते हुए भारत सरकार ने एक  " नरेगा " नाम से एक कानून बनाया।

बाद में वर्ष में सौ दिन काम देने वाली इस योजना को सफल मानकर राष्ट्र पिता महात्मा गांधी को समर्पित करते हुए इसका नाम  " मनरेगा " कर दिया गया।

इस योजना के लिए प्रतिवर्ष बहुत बड़ा बजट आवंटित किया जाता है।

प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने संसद में मनरेगा को कांग्रेस की विफलता का स्मारक बताते हुए इस योजना को जारी रखा।

इस योजना की निगरानी के लिए एक तन्त्र भी बनाया गया तथा शिकायत निवारण तंत्र भी बनाया गया।

निगरानी तंत्र को सक्रिय नहीं किया गया। निगरानी के लिए विभिन्न स्तरों पर मनरेगा लोकपाल की नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति तो निकाली गई किन्तु लोकपाल नियुक्त नहीं किए गए।

शिकायत निवारण नियमावली का भी प्रचार प्रसार नहीं किया गया।

कभी भारत सरकार या राज्य सरकार ने इस रोजगार देने की गारंटी वाली योजना की समीक्षा करना भी आवश्यक नहीं समझा कि इस योजना में प्रतिवर्ष किस ग्राम पंचायत में कितने नागरिकों को वर्ष में सौ दिन रोजगार दिया गया।

लाकडाउन में बहुत बड़ी बजट वाली रोजगार गारंटी योजना मनरेगा की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक हो गई।जब पूरे देश में श्रमिकों का हुजूम अपने गांव की ओर उमड़ पड़ा।जो आज भी जारी है।

अब आप ही तय करें कि यह रोजगार गारंटी योजना है या घोटालों की जननी है।

और इसकी आवश्यकता व उपयोगिता क्या है।

वास्तव में आज देश का मजदूर अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मजबूर है और उसकी मजबूरी को समझने के प्रयास भी नहीं हो रहे हैं।

भारतीय श्रमिक पंचायत
9536162424