Thursday, 7 May 2020

भगवान बुद्ध के बताये मार्ग पर चलें।


मन वाणी कर्म और शरीर से किसी को हानि न पहुंचाना, बिना दी हुई वस्तु को न लेना,व्यभिचार न करना,मिथ्याचार न करना तथा किसी प्रकार का नशा न करना जैसे पन्चशील एवं सम्यक दृष्टि,सन्कल्प, वाणी,कर्म, आजीविका,व्यायाम, स्मृति और समाधि जैसा अष्टान्गिक मार्ग बताने वाले इच्छ्वाकु वन्शीय राजा शुद्धोधन के पुत्र भगवान विष्णु के अवतार भगवान बुद्ध की जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं।।

इस शुभ अवसर पर भगवान बुद्ध के बताये गये मार्गों में से किसी एक मार्ग को अपनाने का सन्कल्प अवश्य लें।

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