सर्वग्राही, सर्वस्पर्शी व सर्व स्वीकार्य बने क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता।
रानी लक्ष्मीबाई चौक बदायूं पर शीघ्र स्थापित होगी प्रतिमा।
पंचायत चुनाव में गरीब सवर्णों को मिले दस प्रतिशत आरक्षण।
क्षत्रिय उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओंको रोकने हेतु होगा आंदोलन।
कार्यक्रम में महासभा के सांगठनिक कार्यों की समीक्षा की गई तथा समाज हित में जनपद मुख्यालय पर बहुउद्देश्यीय भवन का निर्माण किये जाने, रानी लक्ष्मीबाई चौक पर प्रतिमा स्थापित करने, पंचायत चुनाव में गरीब सवर्णों को आरक्षण दिये जाने, क्षत्रिय उत्पीड़न की घटनाओं में कार्यवाही करने हेतु प्रस्ताव पारित किए गए।
मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त करते हुए महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने कहा कि क्षत्रिय महासभा बदायूँ जनपद का सर्वाधिक सक्रिय संगठन है।समाज के शैक्षिक सामाजिक और आर्थिक उन्नयन हेतु महासभा सतत प्रयासरत है।सामाजिक मुद्दों पर महासभा मजबूती के साथ अपना पक्ष रखती है।आपदा काल में भी महासभा ने उल्लेखनीय सेवा व सहायता कार्य किए हैं। जिला मुख्यालय पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित कराने के बाद महासभा मण्डल मुख्यालय बरेली पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित कराने का कार्य कर रही है।जनपद के सभी ब्लॉक, तहसील, नगर में महासभा की इकाई है, जनपद में सक्रिय व समर्पित कार्यकर्ताओं के बल पर महासभा को बड़ी उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं।ऐसे में महासभा के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी औऱ बढ़ गई हैं।सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी समाज में स्वयं को सर्वग्राही, सर्वस्पर्शी व सर्व स्वीकार्य बनाये ताकि समाज का विश्वास संगठन को प्राप्त हो सके।
मुख्य अतिथि के रूप में विचार व्यक्त करते हुए क्षत्रिय महासभा के प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ सुशील कुमार सिंह ने कहा कि क्षत्रिय महासभा बदायूँ की टीम प्रदेश की सबसे सक्रिय टीम है।बदायूं की टीम ने अनेक उपलब्धि हासिल की है।महासभा को जिला मुख्यालय पर बहुउद्देश्यीय क्षत्रिय भवन का निर्माण कार्य करना है, रानी लक्ष्मीबाई चौक पर रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापित करानी है।क्षत्रिय उत्पीड़न की बढ़ती घटनाएं चिन्ता का विषय है।उत्पीड़न रोकने हेतु हमे संघर्ष करने के लिए तैयार रहना चाहिए।क्षत्रिय उत्पीड़न हम स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार द्वारा गरीब सवर्णों को नौकरियों में, शिक्षा में दस प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।क्षत्रिय महासभा की मांग है कि यह आरक्षण पंचायत, स्थानीय निकाय एवं सहकारी संस्थाओं में भी मिलना चाहिए।साथ ही आयु सीमा में भी छूट मिलनी चाहिये।गरीब सवर्ण का प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनाये जाने की व्यवस्था होनी चाहिये तथा प्रमाण पत्र की अवधि तीन वर्ष होनी चाहिए। क्षत्रिय युवा महापुरुषों के जीवन से संबंधित पुस्तकें पड़कर उनकी शिक्षा को अपने जीवन में उतारे तथा समाज का कार्य करने हेतु महासभा के सहयोगी बने।
कार्यक्रम के अंत में महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़ की मां, जिला अध्यक्ष ओमकार सिंह तोमर की मां, जिला महासचिव देवी सिंह देवड़ा के भाई, जिला सचिव दिनेश सिंह एडवोकेट के पिताजी, इस्लामनगर ब्लॉक प्रमुख के इकलौते पुत्र, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गिरीश पाल सिंह के युवा पुत्र तथा अधिवक्ता सभा के पूर्व अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के पिताजी के निधन पर सामुहिक श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में क्षत्रिय महासभा के मंडल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, मंडल संगठन मंत्री विजय पाल सिंह भदौरिया, वरिष्ठ ट्रस्टी धनपाल सिंह, टीकम सिंह, विहिप के सह प्रान्त मंत्री जगपाल सिंह, क्षत्रिय महासभा बदायूँ के संरक्षक राणा प्रताप सिंह ,जिला संयोजक मुनीश कुमार सिंह, जिला अध्यक्ष राकेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष गिरीश पाल सिंह सिशोदिया, जिला महासचिव वेदपाल सिंह कठेरिया, सैनिक सभा के संरक्षक विजय रतन सिंह, जिला उपाध्यक्ष सैनिक सभा सतेन्द्र पाल सिंह, महिला सभा की जिला महासचिव सरिता सिंह, जिला सचिव रजनी सिंह, जिला अध्यक्ष कृषक सभा मनोज कुमार सिंह, जिला अध्यक्ष व्यापार सभा अभिषेक सिंह, तहसील अध्यक्ष बिसौली विपिन कुमार सिंह, तहसील अध्यक्ष सहसवान आर्येन्दर पाल सिंह, तहसील अध्यक्ष दातागंज राजपाल सिंह, नगर अध्यक्ष बदायूँ डाल भगवान सिंह, बलभद्र सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में नगरपालिका परिषद बदायूँ अध्यक्ष दीपमाला सिंह, दातागंज विधायक पुत्र अतेंद्र विक्रम सिंह, राष्ट्रवादी पार्टी के नेता अंकित सिंह पूर्व चेयरमैन उसावां मुन्ना सिंह विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मृदुला सिंह, रानी सिंह पुंडीर, जगमोहन सिंह राघव, गोपाली सिंह, राजीव कुमार सिंह, अवनीश कुमार सिंह, भवेश प्रताप सिंह, रामनरेश सिंह, करन प्रताप सिंह, रामबहादुर सिंह, शेर बहादुर सिंह, प्रदीप चौहान, सूर्य प्रताप सिंह, धीरेंद्र कुमार सिंह, संजय सिंह, विमल कुमार सिंह, सुरजीत सिंह, कुलदीप सिंह, मदनपाल सिंह, विवेक चंदेल, करुणेश कुमार सिंह, सौरभ सिंह, श्याम कुमार सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, अशोक तोमर, नरेंद्र पाल सिंह, अमित सिंह, सत्यभान सिंह, आरेश प्रताप सिंह, श्यामबीर सिंह, रामेन्द्र सिंह, दिनेश सिंह, शोभित कुमार सिंह, विष्णु प्रताप सिंह, नारद सिंह, विनय प्रताप सिंह, कृष्ण पाल सिंह आदि उपस्थित रहे।