दीप जलाकर श्रमिकों को श्रृद्धांजलि देने के साथ ही उठाई उनके कल्याण की मांग।
पलायन रोकने हेतु श्रमिक कल्याण पर विशेष ध्यान दें सरकार ।
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के सहयोगी संगठन भारतीय श्रमिक पंचायत के आह्वान पर आपदाकाल में विभिन्न कारणों से दुर्घटनाग्रस्त हुए श्रमिकों की आत्मा की शांति हेतु एवं उनके कल्याण की प्रार्थना के साथ " एक दीप श्रमिकों के नाम " कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भागीदारी कर श्रमिकों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की।
इस अवसर पर भारतीय श्रमिक पंचायत के संयोजक डाल भगवान सिंह व सह संयोजक एम एल गुप्ता ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकारों के पास पलायन करने को विवश हुए श्रमिकों का पूरा विवरण आ चुका है, पलायन करने वाले सर्वाधिक श्रमिक उत्तर प्रदेश और ़ बिहार से हैं।इन श्रमिकों का पूरा विवरण केन्द्र सरकार सहित सभी राज्य सरकारों के पास आ चुका है। भविष्य में श्रमिकों के समक्ष ऐसी कठिन परिस्थिति उत्पन्न न हो, तथा श्रमिकों को अपने निवास स्थान पर ही अथवा निवास स्थान के निकट रोजगार उपलब्ध कराने के उपाय करने चाहिए। पलायन ग्रस्त श्रमिकों को श्रम विभाग में अनिवार्य रूप से पंजीकृत कराकर उनका मनरेगा जॉब कार्ड एवं राशन कार्ड बनवाया जावे, सभी पलायन ग्रस्त श्रमिकों को आवास, शौचालय, पेंशन योजनाओं के साथ ही उज्ज्वला, सौभाग्य व आयुष्मान योजना का लाभ प्रदान कराया जावे। विवाह योजना के अंतर्गत श्रमिकों की पुत्रियों को प्राथमिकता दी जाये। श्रमिकों के पाल्यो को कस्तूरबा विद्यालयों,नवोदय विद्यालयों में शिक्षा दिलायी जावे तथा आवश्यकतानुसार आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जावे। श्रमिकों की समस्या के समाधान हेतु उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय श्रम आयोग तथा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में हर राज्य में राज्य आयोग की स्थापना हो। जनपद व मन्डल स्तर पर माह में एक बार सभी अधिकारी तिथि निर्धारित कर श्रमिकों की समस्या सुने। स्वय का व्यवसाय करने के इच्छुक श्रमिकों को मुद्रा योजना के तहत सहायता दिलाई जाए। भारतीय श्रमिक पंचायत इन विषयों को प्रभावी बनाने हेतु सरकार पर दबाव बनाने हेतु अभियान चलायेगी।
एक दीप श्रमिकों के नाम कार्यक्रम में भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के मुख्य प्रवर्तक हरि प्रताप सिंह राठोड़,बी डी सी महासंघ के जिला अध्यक्ष डॉ सुशील कुमार सिंह एवं अन्य सहयोगियों राम रतन सिंह पटेल, शमसुल हसन, रामगोपाल,एम एच कादरी, अखिलेश सिंह,असद अहमद, नारद सिंह, राम-लखन, महेश चंद्र, नेत्रपाल, कृष्ण गोपाल,अभय माहेश्वरी,आर्येन्द्र पाल सिंह, सतेन्द्र सिंह,सी एल वर्मा एडवोकेट, वेदपाल सिंह, वीरपाल, राजीव कुमार, सुरेश पाल सिंह, आदि का भी योगदान रहा।
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