भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान की प्रधानमंत्री से छः वर्ष में छः अपेक्षाएं :
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१- २०१४ में लोकपाल बिल पास हुआ,२०१९ में आम चुनाव से पूर्व लोकपाल की नियुक्ति हुई। किन्तु अभी तक नियमावली व अन्य सन्शाधनो के अभाव में लोकपाल निष्क्रिय है, राज्यों में भी लोकायुक्त नियुक्त नहीं हुए। लोकपाल को सक्रिय कर राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति हो।
२- नागरिकों को सरकारी सेवाएं निर्धारित अवधि में नहीं मिल पा रही है अस्तु सिटीजन चार्टर/ जनहित गारंटी कानून प्रभावी हो।
३- सूचना का अधिकार दम तोड़ रहा है। सूचना प्राप्ति हेतु तीन से पांच साल तक लड़ाई लड़नी पड़ रही है।अस्तु सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में संशोधन करके तत्काल सूचना दिए जाने,प्रथम अपील पन्द्रह दिन में व द्वितीय अपील एक माह में तय करने की व्यवस्था हो। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा चार के अन्तर्गत सभी सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की चल अचल संपत्तियां सार्वजनिक हो तथा राष्ट्रीय आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश व राज्य आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति की अनिवार्यता हो।
४- न्यायपालिका को कुछ घरानों के कब्जे से मुक्त कराने हेतु भारतीय न्यायिक सेवा (IJS) का गठन हो।
५- सामाजिक कार्यकर्ताओं व सूचना कार्यकर्त्ताओं की सुरक्षा हेतु कानून बने।
६- शिक्षा और चिकित्सा निजी हाथों से मुक्त हो।
हरि प्रताप सिंह राठोड़
अधिवक्ता
मुख्य प्रवर्तक
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान
9536162424
( सभी सूचना व सामाजिक कार्यकर्ता यह छः अपेक्षाएं माई ग्रीवांस पोर्टल व ट्विटर के माध्यम से प्रधानमंत्री को प्रेषित करें। )
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